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Mathura News: 44.4 करोड़ पास...नहीं चमके घाट

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 01 Nov 2026 12:20 AM IST
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44.4 crore spent... yet the ghats remain unimproved
मथुरा। मथुरा-वृंदावन के प्राचीन घाटों को चमकाने के लिए शासन से 44 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे, लेकिन दो साल बीतने के बाद भी घाटों व्यवस्थाएं अधर में लटकी हुई हैं। सिंचाई विभाग ने छैनी-हथौड़े चलाकर प्राचीन पत्थर तोड़ दिए, लेकिन उनका सुंदरीकरण कराना भूल गए। यम द्वितीया पर अव्यवस्थाओं के बीच हजारों भक्त यमुना में स्नान करने का मजबूर होंगे।
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उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने यमुना के प्राचीन घाटों की मरम्मत और सुंदरीकरण के लिए करीब 44 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा था। जुलाई 2024 में इसे मंजूरी मिली थी। योजना में घाटों की मरम्मत, छतरियों का जीर्णोद्धार, श्रद्धालुओं के बैठने के लिए बेंच लगाना, अधूरे घाटों को पूरा करना और सभी घाटों को आपस में जोड़ना शामिल था। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी परिषद ने सिंचाई विभाग को सौंपी थी।
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विभाग ने विश्राम घाट और बंगाली घाट से काम शुरू किया तो स्थानीय लोगों ने विरोध जताया। उनका कहना था कि पहले से बने प्राचीन घाटों को तोड़ने के बजाय टूटे पत्थरों और अव्यवस्थाओं वाले हिस्सों की मरम्मत व सुंदरीकरण कराया जाना चाहिए। लोगों की आपत्तियों के बाद सिंचाई विभाग ने करीब 10 प्रतिशत काम कराने के बाद कार्य बंद कर दिया। इसके बाद से घाटों का सुंदरीकरण आगे नहीं बढ़ सका। अब यम द्वितीया का पर्व नजदीक है, लेकिन घाटों की बदहाल स्थिति श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का सबब बनेंगी। सिंचाई विभाग के एई राकेश कुमार का कहना है कि शिकायत होने पर कार्य बंद कराया गया है। उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार आगे की दिशा तय की जाएगी।
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क्या बोले स्थानीय निवासी
यमुना के घाट मथुरा की पहचान हैं। यहां प्रत्येक त्योहार पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। घाटों की हालत देखकर उन्हें निराशा होती है। पर्वों पर भी यहां बुनियादी सुविधाएं दुरुस्त नहीं रहतीं।- अमित पाठक


घाटों पर केवल पत्थर लगाना ही सुंदरीकरण नहीं है। श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित रास्ते, साफ-सफाई, रोशनी और बैठने की व्यवस्था भी जरूरी है। यम द्वितीया पर बुजुर्गों और महिलाओं को स्नान के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ती है।-विकास
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