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पीएनबी घोटाला: झारखंड के बैंक खातों में रकम हुई ट्रांसफर, हजारीबाग निवासी है पूर्व ब्रांच मैनेजर; होगी जांच

Mon, 02 Nov 2026 09:01 AM IST
Vijay Singh Pundir मोहम्मद बिलाल, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
मोहम्मद बिलाल, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा Published by: Vijay Singh Pundir Updated Mon, 02 Nov 2026 09:01 AM IST
सार

पुलिस जांच में सामने आया है कि पूर्व ब्रांच मैनेजर मूल रूप से झारखंड के हजारीबाग की रहने वाली हैं। झारखंड के बैंक खातों में रकम ट्रांसफर होने की जानकारी सामने आने के बाद खाताधारकों और किसान संगठन ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है। खाताधारकों का आरोप है कि बैंक प्रशासन निलंबित कर्मचारी दीपांशी पर पूरी जिम्मेदारी डालकर अन्य अधिकारियों की भूमिका को नजरअंदाज कर रहा है।

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Questions also raised regarding the role of a former branch manager in the PNB scam
पीएनबी में 35 करोड़ की हेराफेरी का आरोप - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की सेक्टर पाई-1 ऐच्छर शाखा में करीब 35 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी के मामले में अब पूर्व ब्रांच मैनेजर समेत अन्य अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। झारखंड के बैंक खातों में रकम ट्रांसफर होने की जानकारी सामने आने के बाद खाताधारकों और किसान संगठन ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

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खाताधारकों का आरोप है कि बैंक प्रशासन निलंबित कर्मचारी दीपांशी पर पूरी जिम्मेदारी डालकर अन्य अधिकारियों की भूमिका को नजरअंदाज कर रहा है। उनका कहना है कि पूर्व ब्रांच मैनेजर समेत मामले से जुड़े सभी बैंककर्मियों की भूमिका की जांच होनी चाहिए ताकि रकम के लेनदेन और कथित हेराफेरी की पूरी कड़ी सामने आ सके। 
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पुलिस जांच में सामने आया है कि पूर्व ब्रांच मैनेजर मूल रूप से झारखंड के हजारीबाग की रहने वाली हैं। किसान नेता बृजेश भाटी ने आरोप लगाया कि मामले में सिर्फ दीपांशी के खिलाफ कार्रवाई कर अन्य बैंककर्मियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। बैंक प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि पूर्व ब्रांच मैनेजर और अन्य अधिकारियों के स्तर पर क्या जांच हुई है। उनका कहना है कि ज्यादातर रकम आशुतोष पाठक के कहने पर ट्रांसफर की गई थी। आशुतोष पाठक भी झारखंड का रहने वाला बताया जा रहा है। ऐसे में उसके संपर्कों, बैंक खातों और लेनदेन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच जरूरी है।
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तीन संदिग्ध लेनदेन के डेबिट वाउचर का रिकॉर्ड नहीं मिला
बैंक की शिकायत के मुताबिक, 16 सितंबर 2026 को एक महिला खाताधारक अपने पति और बेटी के साथ पासबुक अपडेट कराने शाखा पहुंची थी। पासबुक में खाते से तीन ऐसे लेनदेन दर्ज मिले, जिनकी जानकारी परिवार को नहीं थी। महिला ने शाखा प्रमुख से मिलने की मांग की, लेकिन उस समय वह मौजूद नहीं थीं। आरोप है कि इसी दौरान दीपांशी ने परिवार को इन लेनदेन के सही होने का भरोसा दिलाने का प्रयास किया। बाद में महिला के पति ने इसकी शिकायत शाखा प्रमुख से की।

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