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Mathura News: जन्मजात टेढ़े-मेढ़े पैरों वाले 35 बच्चों का हुआ इलाज
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मथुरा। अनुष्का फाउंडेशन के सहयोग से बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में जन्म से टेढ़े-मेढ़े पैरों से पीड़ित 35 बच्चों का उपचार किया गया। डॉक्टर अब तक करीब तीन सौ से अधिक बच्चों के स्वस्थ होने का दावा कर रहे हैं।
जिला अस्पताल में 2018 से अनुष्का फाउंडेशन के सहयोग से जन्म से टेढ़े-मेढ़े पैरों (क्लब फुट) से पीड़ित बच्चों का इलाज किया जा रहा है। यह शिविर प्रत्येक बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में लगाया जाता है। बच्चों के टेढ़े-मेढ़े पैरों पर छह से आठ बार प्लास्टर किया जाता है। यह प्रक्रिया करीब एक माह तक चलती है। इसके बाद अगर पैर ठीक नहीं होता है तो डॉक्टर ऑपरेशन का सहारा लेकर बच्चों को स्वस्थ करते हैं।
हड्डी रोग विशेषज्ञ एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक नीरज अग्रवाल ने बताया कि अगर इस तरह की परेशानी है तो तीन साल तक के बच्चे को ठीक करने की अधिक संभावना रहती है। वहीं फाउंडेशन के पदाधिकारी मोहम्मद जीशान ने बताया कि पीड़ित बच्चों को जूते से लेकर प्लास्टर का खर्चा फाउंडेशन उठाती है। इसमें जिला अस्पताल की ओर से डॉक्टरों का सहयोग लिया जाता है। निशुल्क सैकड़ों पीड़ित बच्चों का उपचार करके ठीक किया जा चुका है।
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जिला अस्पताल में 2018 से अनुष्का फाउंडेशन के सहयोग से जन्म से टेढ़े-मेढ़े पैरों (क्लब फुट) से पीड़ित बच्चों का इलाज किया जा रहा है। यह शिविर प्रत्येक बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में लगाया जाता है। बच्चों के टेढ़े-मेढ़े पैरों पर छह से आठ बार प्लास्टर किया जाता है। यह प्रक्रिया करीब एक माह तक चलती है। इसके बाद अगर पैर ठीक नहीं होता है तो डॉक्टर ऑपरेशन का सहारा लेकर बच्चों को स्वस्थ करते हैं।
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हड्डी रोग विशेषज्ञ एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक नीरज अग्रवाल ने बताया कि अगर इस तरह की परेशानी है तो तीन साल तक के बच्चे को ठीक करने की अधिक संभावना रहती है। वहीं फाउंडेशन के पदाधिकारी मोहम्मद जीशान ने बताया कि पीड़ित बच्चों को जूते से लेकर प्लास्टर का खर्चा फाउंडेशन उठाती है। इसमें जिला अस्पताल की ओर से डॉक्टरों का सहयोग लिया जाता है। निशुल्क सैकड़ों पीड़ित बच्चों का उपचार करके ठीक किया जा चुका है।
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