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UP News: दिल्ली हाईवे पर मथुरा में नहीं लगेगा जाम...फर्राटा भरेंगे वाहन, इन तीन पॉइंट पर बनेगा ओवरब्रिज
Wed, 09 Oct 2024 10:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 09 Oct 2024 10:03 AM IST
सार
दिल्ली हाईवे पर मथुरा से गुजरते समय अक्सर जाम के हालत रहते हैं। इस समस्या से अब जल्द ही छुटकारा मिल सकेगा। हाईवे के तीन पॉइंट पर ओवर ब्रिज बनाए जाएंगे।
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निर्माणाधीन ओवरब्रिज
विस्तार
मथुरा में राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर लोगों को कोसी व जैंत क्षेत्र में जाम से नहीं जूझना पड़ेगा। वाहन फर्राटा भरते हुए निकल जाएं इसके लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) तीन नए ओवर ब्रिज का निर्माण करेगी। हरियाणा चुनाव के कारण इसकी टेंडर प्रक्रिया लंबित हो गई थी। मंगलवार को हरियाणा चुनाव का परिणाम घोषित हो गया है। अब जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू हो जाएगी और उसके बाद कोसीकलां, कोटवन औद्योगिक क्षेत्र और जैंत में ओवरब्रिज का निर्माण शुरू हो जाएगा।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगातार वाहनों की संख्या बढ़ रही है। कोसीकलां व जैंत क्षेत्र में कुछ स्थानों पर हाईवे पर जाम लगने के कारण वाहन चालकों और यात्रियों को परेशानी होती है। इसे देखते हुए एनएचएआई ने ओवर ब्रिज निर्माण का निर्णय लिया है। तीनों स्थानों पर ओवर ब्रिज बनने के बाद चालकों को गाड़ी की रफ्तार कम नहीं करनी पड़ेगी। इधर, स्थानीय लोगों को भी हाईवे पर फर्राटा भरते वाहनों से कोई खतरा नहीं होगा। ओवरब्रिज की सर्विस रोड से उनका आवागमन होगा और जाम नहीं लगेगा। संवाद
हर रोज गुजरते हैं 26 हजार वाहन
राष्ट्रीय राजमार्ग-13 पर फरह में बने टोल प्लाजा पर 24 घंटे में 26 हजार वाहन गुजरते हैं। शनिवार और रविवार को इनकी संख्या बढ़कर 28 हजार तक पहुंच जाती है। शादी विवाह के सीजन में यह संख्या बढ़कर 29 हजार तक हो जाती है।
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सेव लाइफ फाउंडेशन ने दिसंबर 2022 किया था सर्वे
सेव लाइफ फाउंडेशन ने दिसंबर 2022 में सर्वे के बाद तीनों स्थानों पर नए ओवर ब्रिज बनाने का प्रस्ताव दिया था। सर्वे में अधिकारियों ने देखा कि ओवर ब्रिज न होने के कारण लोगों को कई किलोमीटर दूर से यू टर्न लेकर आना पड़ता है। यू टर्न न लेना पड़े इसलिए कुछ वाहन चालक गलत दिशा में वाहन हाईवे पर चलाते हैं, इससे दुर्घटना भी होती है। इन्हीं समस्याओं को लेकर फाउंडेशन की टीम ने ओवरब्रिज निर्माण का प्रस्ताव एनएचएआई को दिया था।
जाम और दुर्घटनाओं पर लगेगा अंकुश
जहां ओवर ब्रिज निर्माण होना है वह तीनों स्थान आबादी वाले इलाके हैं। यहां जाम तो लगता है लगातार दुर्घटनाएं भी होती हैं। घटना प्रबंधक अधिकारी नरेंद्र चौधरी ने बताया कि ओवर ब्रिज निर्माण के बाद घटनाओं पर रोक लगेगी। इसके साथ ही वाहन चालकों को भी सहूलियत होगी। एनएचएआई की टीम को यहां जाम खुलवाने में रोजाना मशक्कत करनी पड़ती है।
एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर धीरज सिंह ने बताया कि हरियाणा चुनाव के कारण टेंडर प्रक्रिया रुकी हुई थी। अब चुनाव हो चुके हैं। ऐसे में जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसके बाद ओवर ब्रिज के निर्माण की लागत, लंबाई, चौड़ाई आदि के बारे में पता चलेगा। टेंडर के बाद ओवर ब्रिज का निर्माण भी शुरू हो जाएगी।
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राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगातार वाहनों की संख्या बढ़ रही है। कोसीकलां व जैंत क्षेत्र में कुछ स्थानों पर हाईवे पर जाम लगने के कारण वाहन चालकों और यात्रियों को परेशानी होती है। इसे देखते हुए एनएचएआई ने ओवर ब्रिज निर्माण का निर्णय लिया है। तीनों स्थानों पर ओवर ब्रिज बनने के बाद चालकों को गाड़ी की रफ्तार कम नहीं करनी पड़ेगी। इधर, स्थानीय लोगों को भी हाईवे पर फर्राटा भरते वाहनों से कोई खतरा नहीं होगा। ओवरब्रिज की सर्विस रोड से उनका आवागमन होगा और जाम नहीं लगेगा। संवाद
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हर रोज गुजरते हैं 26 हजार वाहन
राष्ट्रीय राजमार्ग-13 पर फरह में बने टोल प्लाजा पर 24 घंटे में 26 हजार वाहन गुजरते हैं। शनिवार और रविवार को इनकी संख्या बढ़कर 28 हजार तक पहुंच जाती है। शादी विवाह के सीजन में यह संख्या बढ़कर 29 हजार तक हो जाती है।
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सेव लाइफ फाउंडेशन ने दिसंबर 2022 किया था सर्वे
सेव लाइफ फाउंडेशन ने दिसंबर 2022 में सर्वे के बाद तीनों स्थानों पर नए ओवर ब्रिज बनाने का प्रस्ताव दिया था। सर्वे में अधिकारियों ने देखा कि ओवर ब्रिज न होने के कारण लोगों को कई किलोमीटर दूर से यू टर्न लेकर आना पड़ता है। यू टर्न न लेना पड़े इसलिए कुछ वाहन चालक गलत दिशा में वाहन हाईवे पर चलाते हैं, इससे दुर्घटना भी होती है। इन्हीं समस्याओं को लेकर फाउंडेशन की टीम ने ओवरब्रिज निर्माण का प्रस्ताव एनएचएआई को दिया था।
जाम और दुर्घटनाओं पर लगेगा अंकुश
जहां ओवर ब्रिज निर्माण होना है वह तीनों स्थान आबादी वाले इलाके हैं। यहां जाम तो लगता है लगातार दुर्घटनाएं भी होती हैं। घटना प्रबंधक अधिकारी नरेंद्र चौधरी ने बताया कि ओवर ब्रिज निर्माण के बाद घटनाओं पर रोक लगेगी। इसके साथ ही वाहन चालकों को भी सहूलियत होगी। एनएचएआई की टीम को यहां जाम खुलवाने में रोजाना मशक्कत करनी पड़ती है।
एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर धीरज सिंह ने बताया कि हरियाणा चुनाव के कारण टेंडर प्रक्रिया रुकी हुई थी। अब चुनाव हो चुके हैं। ऐसे में जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसके बाद ओवर ब्रिज के निर्माण की लागत, लंबाई, चौड़ाई आदि के बारे में पता चलेगा। टेंडर के बाद ओवर ब्रिज का निर्माण भी शुरू हो जाएगी।