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घर में घुसकर नाबालिग से दुष्कर्म करने पर 25 वर्ष का कठोर कारावास
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मथुरा। घर में घुस नाबालिग से दुष्कर्म करने के दोषी को न्यायालय ने 25 साल के कारावास की सजा सुनाई है। चार साल पहले अभियुक्त ने तब दुष्कर्म किया था जब नाबालिग के माता-पिता खेत पर गए थे।
घटना 17 नवंबर 2017 की है। छाता क्षेत्र के एक गांव निवासी 14 साल की बिटिया के माता-पिता खेत पर गए थे। बिटिया घर पर अकेली थी। तभी कामांध युवक परशुराम घर में घुस आया। बिटिया के साथ उसने दुष्कर्म किया। बिटिया के शोर मचाने पर आसपास के लोग आ गए। लेकिन परशुराम किसी तरह मौके से भाग गया था।
बिटिया के पिता ने घटना की रिपोर्ट छाता कोतवाली में कराई गई थी। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में गवाह पेश कराए। एडीजे पॉक्सो-2 अमर सिंह की अदालत ने अभियुक्त परशुराम को 25 वर्ष के कारावास की सजा और दो लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड न दिए जाने पर धनराशि प्राधिकरण द्वारा पीड़िता को प्रदान की जाएगी। अभियुक्त को सजा का एक चौथाई समय अतिरिक्त रूप से जेल में ही सजा के रूप में बिताना होगा।
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संबंध बनाने में विफल होने पर चाची की कर दी थी हत्या
एडीजीसी सुभाष चंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि अभियुक्त आदतन अपराधी है। इसी अभियुक्त ने अवैध संबंध बनाने में कामयाब न होने पर अपनी चाची की हत्या कर दी थी। एक नवंबर 2018 को अपर सत्र न्यायाधीश-8 की अदालत ने परशुराम को हत्या के जुर्म में दस वर्ष की सजा सुनाई थी। इस मामले में अभियुक्त अभी जेल में बंद है।
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घटना 17 नवंबर 2017 की है। छाता क्षेत्र के एक गांव निवासी 14 साल की बिटिया के माता-पिता खेत पर गए थे। बिटिया घर पर अकेली थी। तभी कामांध युवक परशुराम घर में घुस आया। बिटिया के साथ उसने दुष्कर्म किया। बिटिया के शोर मचाने पर आसपास के लोग आ गए। लेकिन परशुराम किसी तरह मौके से भाग गया था।
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बिटिया के पिता ने घटना की रिपोर्ट छाता कोतवाली में कराई गई थी। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में गवाह पेश कराए। एडीजे पॉक्सो-2 अमर सिंह की अदालत ने अभियुक्त परशुराम को 25 वर्ष के कारावास की सजा और दो लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड न दिए जाने पर धनराशि प्राधिकरण द्वारा पीड़िता को प्रदान की जाएगी। अभियुक्त को सजा का एक चौथाई समय अतिरिक्त रूप से जेल में ही सजा के रूप में बिताना होगा।
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संबंध बनाने में विफल होने पर चाची की कर दी थी हत्या
एडीजीसी सुभाष चंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि अभियुक्त आदतन अपराधी है। इसी अभियुक्त ने अवैध संबंध बनाने में कामयाब न होने पर अपनी चाची की हत्या कर दी थी। एक नवंबर 2018 को अपर सत्र न्यायाधीश-8 की अदालत ने परशुराम को हत्या के जुर्म में दस वर्ष की सजा सुनाई थी। इस मामले में अभियुक्त अभी जेल में बंद है।