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Mainpuri News: 26 गांव के तालाबों का पानी प्रदूषित, एनजीटी में दाखिल किया जवाब
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मैनपुरी। जिले के सभी तालाब और जिलों की संरक्षण के संबंध में राष्ट्रीय हरित अधिकरण एनजीटी नई दिल्ली में याचिका दाखिल की गई थी। सोमवार को सुनवाई के दौरान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जवाब दाखिल किया गया। इसमें बताया गया कि जिले के करीब 26 गांव के तालाबों का पानी प्रदूषित हो चुका है। इस मामले की अगली सुनवाई 4 जनवरी को होगी।
राष्ट्रीय हरित अधिकरण की प्रमुख पीठ दिल्ली ने सभी तालाबों व झीलों के संरक्षण की याचिका में 9 अधिकारियों सहित 13 लोगों को नोटिस जारी किए थे और अभिलेख सहित शपथपत्र देने के निर्देश दिए। अगली सुनवाई के लिए 28 सितंबर की तारीख तय की गई थी। याचिका दायर करने वाले अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने बताया कि तालाबों, झीलों के संरक्षण की याचिका राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने स्वीकार कर ली थी। याचिका में विपक्षी अधिवक्ता ने प्रमुख सचिव सिंचाई विभाग की तरफ से जवाब दाखिल किया, जिसमें कहा गया है कि याचिका में वर्णित तालाबों के संरक्षण का विषय है राजस्व विभाग वन विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से संबंधित है न की सिंचाई विभाग से है। इसके बाद प्रदूषण नियंत्रण दिशा की तरफ से जवाब दाखिल किया। ग्राम थोरवा, चौपेरा, हरनागरपुर, नगला कमरिया, अस्योली, नारायणपुर, शिवपालपुर, अलीपुर पट्टी, चमर नगर, विक्रमपुर, नगला बन, अलीपुर खेड़ा, महमूदपुर, बर्धनिया, अजीतगंज, नगला जसी, धकपुरा, नगला सिंह, नगला पेंठ, देविदासपुर, अर्जुनपुर गढ़ी, अर्जुनपुर नगरिया, औंग, मालिखानपुर, नगला धुरा और अहिरवां ग्रामों के तालाबों के पानी की रिपोर्ट दाखिल की गई, जिनमें तालाबों का पानी प्रदूषित पाया गया।
जिलाधिकारी ने दाखिल किया स्थगन प्रार्थनापत्र
एनजीटी में दाखिल की गई याचिका में जिलाधिकारी मैनपुरी की तरफ से जवाब दाखिल करने के लिए अगली तारीख मांगी गई है। इसके लिए उनकी ओर से स्थगन प्रार्थनापत्र दिया गया।
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राष्ट्रीय हरित अधिकरण की प्रमुख पीठ दिल्ली ने सभी तालाबों व झीलों के संरक्षण की याचिका में 9 अधिकारियों सहित 13 लोगों को नोटिस जारी किए थे और अभिलेख सहित शपथपत्र देने के निर्देश दिए। अगली सुनवाई के लिए 28 सितंबर की तारीख तय की गई थी। याचिका दायर करने वाले अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने बताया कि तालाबों, झीलों के संरक्षण की याचिका राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने स्वीकार कर ली थी। याचिका में विपक्षी अधिवक्ता ने प्रमुख सचिव सिंचाई विभाग की तरफ से जवाब दाखिल किया, जिसमें कहा गया है कि याचिका में वर्णित तालाबों के संरक्षण का विषय है राजस्व विभाग वन विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से संबंधित है न की सिंचाई विभाग से है। इसके बाद प्रदूषण नियंत्रण दिशा की तरफ से जवाब दाखिल किया। ग्राम थोरवा, चौपेरा, हरनागरपुर, नगला कमरिया, अस्योली, नारायणपुर, शिवपालपुर, अलीपुर पट्टी, चमर नगर, विक्रमपुर, नगला बन, अलीपुर खेड़ा, महमूदपुर, बर्धनिया, अजीतगंज, नगला जसी, धकपुरा, नगला सिंह, नगला पेंठ, देविदासपुर, अर्जुनपुर गढ़ी, अर्जुनपुर नगरिया, औंग, मालिखानपुर, नगला धुरा और अहिरवां ग्रामों के तालाबों के पानी की रिपोर्ट दाखिल की गई, जिनमें तालाबों का पानी प्रदूषित पाया गया।
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जिलाधिकारी ने दाखिल किया स्थगन प्रार्थनापत्र
एनजीटी में दाखिल की गई याचिका में जिलाधिकारी मैनपुरी की तरफ से जवाब दाखिल करने के लिए अगली तारीख मांगी गई है। इसके लिए उनकी ओर से स्थगन प्रार्थनापत्र दिया गया।
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