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समय अमूल्य है, इसे व्यर्थ न गवाएं
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
Updated Sun, 23 Oct 2016 10:52 PM IST
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प्रवचन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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कचहरी रोड स्थित कबीर आश्रम में प्रवचन का आयोजन हुआ। इसमें महंत अमर साहेब ने कहा कि समय अमूल्य है इसको व्यर्थ न गवाएं। मानव मन एक पक्षी की तरह होता है। जब मानव को सफलता मिल जाए तो अपने को आम समाज से बहुत ऊंचा मानता है।
महंत ने कहा कि मन के अनेक मत होते हैं, कभी धर्म कभी अधर्म। इसलिए कभी भी अपना जीवन मन की गुलामी में नहीं रखना चाहिए। सुखी, संतुष्ट और जीवन की सार्थकता तभी है जब मन आत्मा का मित्र हो जाए। आत्म अनुगामी हो जाए ऐसे साधु पुरुष भक्त पुरुष होते हैं। जो मन पर अपना अधिकारी रखते हुए निरंतर मन को निर्मल बनाने का प्रयास करते हैं यही सच्ची पूजा और सच्चा भजन है।
उन्होंने कहा कि अपने जीवन में अहंकार न लाना शांति पथ है। उन्होंने कहा कि सच्चे संतों का सत्संग हमें जीवन जीने की कला सिखाता है।
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महंत ने कहा कि मन के अनेक मत होते हैं, कभी धर्म कभी अधर्म। इसलिए कभी भी अपना जीवन मन की गुलामी में नहीं रखना चाहिए। सुखी, संतुष्ट और जीवन की सार्थकता तभी है जब मन आत्मा का मित्र हो जाए। आत्म अनुगामी हो जाए ऐसे साधु पुरुष भक्त पुरुष होते हैं। जो मन पर अपना अधिकारी रखते हुए निरंतर मन को निर्मल बनाने का प्रयास करते हैं यही सच्ची पूजा और सच्चा भजन है।
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उन्होंने कहा कि अपने जीवन में अहंकार न लाना शांति पथ है। उन्होंने कहा कि सच्चे संतों का सत्संग हमें जीवन जीने की कला सिखाता है।