फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mainpuri News ›   Three accused found guilty in double murder case

UP: दोहरे हत्याकांड में तीन आरोपी दोषी करार, दो को आजीवन कारावास; 10 साल पहले सुपारी लेकर की थी हत्या

Mon, 25 Aug 2025 09:50 PM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी Published by: अरुन पाराशर Updated Mon, 25 Aug 2025 09:50 PM IST
सार

मैनपुरी के घिरोर थाना क्षेत्र में 10 वर्ष दो शव बरामद हुए थे। दोनों की हत्या गोली मारकर की गई थी। मामले में कोर्ट ने तीन लोगों को दोषी ठहराया है। दो को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

विज्ञापन
Three accused found guilty in double murder case
कोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मैनपुरी में एक दशक पुराने दोहरे हत्याकांड में सोमवार को अपर सत्र न्यायाधीश जहेंद्र पाल की कोर्ट संख्या-4 ने फैसला सुनाया। मुकदमे के कुल चार आरोपियों में से तीन को दोषी करार दिया गया। दो को हत्या और शव छिपाने के दोष में आजीवन कारावास और 60-60 हजार रुपये और एक दोषी को सात साल कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। एक महिला आरोपी को बरी कर दिया गया है।
विज्ञापन


यह मामला घिरोर थाना क्षेत्र से जुड़ा है। 17 और 18 जनवरी 2015 को दो अज्ञात शव बरामद हुए थे। बाद में इन शवों की पहचान लक्ष्मीकांत निवासी छविसा, फतेहाबाद, आगरा और उसी गांव उसके चचेरे भाई पप्पू उर्फ राजकुमार के तौर पर हुई। पुलिस ने मृतकों के परिजन के बयानों के अनुसार खुलासा किया था कि पप्पू उर्फ राजकुमार के विरमा देवी निवासी रामगर, फिरोजाबाद और ऊषा देवी निवासी कीलानी पुलिया, तखरऊ कोठी, फिरोजाबाद से भी संबंध थे। विरमा की शादी उसकी इच्छा के विरुद्ध हुई थी। वहीं, ऊषा के पति की मृत्यु हो चुकी थी।
विज्ञापन

 

विरमा देवी ब्याज पर पैसे देने का काम करती थी। ऊषा देवी का विरमा के यहां पैसों के लेनदेन को लेकर आना जाना रहता था। धोखे से बुलाकर पप्पू उर्फ राजकुमार और उसके चचेरे भाई लक्ष्मीकांत की ऊषा, विरमा और इनके साथी अनुज यादव निवासी चंर्दवार गेट, दक्षिण, फिरोजाबाद, गुन्नू उर्फ विजय यादव निवासी जैननगर खेड़ा उत्तर, फिरोजाबाद और आत्मप्रकाश उर्फ लाला पंडित के साथ मिलकर दोनों की हत्या कर दी थी।

आत्मप्रकाश उर्फ लाला पंडित फिरोजाबाद का पुराना अपराधी था। उसने 2.25 लाख रुपये में दोनों की हत्या की सुपारी ली थी। अनुज यादव ने हत्या का सौदा तय कराया था। ऊषा के मकान में राजकुमार और लक्ष्मीकांत की गोली मारकर और सिर कुचलकर हत्या के बाद इनके शवों को गुन्नू उर्फ विजय यादव की गाड़ी से लाकर घिरोर क्षेत्र में फेंका गया था। ट्रायल के दौरान आत्मप्रकाश उर्फ लाला पंडित की मृत्यु हो गई थी। उसकी पत्रावली को बंद कर दिया गया।

ऊषा देवी और अनुज यादव को आजीवन कारावास और 60-60 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं, गुन्नू उर्फ विजय को सात साल की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया। विरमा देवी को साक्ष्यों के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed