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आरोपी की जमानत निरस्त कराने की प्रक्रिया शुरू
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी।
Updated Sat, 27 May 2017 11:40 PM IST
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चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
- फोटो : file photo
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वर्ष 1996 में हुए सामूहिक हत्याकांड के आरोपी को अपर जिला जज चतुर्थ न्यायालय से मिली जमानत निरस्त कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिला शासकीय अधिवक्ता ने जमानत निरस्त कराने के लिए आवेदन किया है। निरस्तीकरण प्रार्थना पत्र पर 29 मई को सुनवाई होगी।
थाना भोगांव क्षेत्र में सर्वा के निकट छह सितंबर 1996 को जीप सवार पूर्व विधायक उपदेश सिंह चौहान के भतीजे गजेंद्र सिंह उर्फ टिल्लू, अशोक कुमार, नरेश कुमार, रामकिशन, हेमसिंह, महेश कुमार की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई। पूर्व विधायक के भाई सुरेंद्र सिंह ने 10 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई। आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है। कई आरोपी अभी भी जेल में हैं। आरोपी रामानंद दीक्षित, जगन्नाथ दीक्षित की मौत हो चुकी है। घटना के बाद से ही एक आरोपी राजभूषण उर्फ आरबी सिंह फरार हो गए थे। उनकी गिरफ्तारी के लिए इंटरपोल की मदद लेने के लिए रेड कार्नर नोटिस तक जारी किया गया था। 19 साल बाद आरबी सिंह को एसटीएफ ने मई 2015 में पकड़कर जेल भेजा। उनके जमानत के दो आवेदन जिला न्यायालय से खारिज हो चुके हैं। उन्होंने जमानत पाने के लिए तीसरी बार आवेदन किया। जमानत की सुनवाई अपर जिला जज चतुर्थ लालचंद्र की कोर्ट में हुई। जेल के डाक्टर ने आरबी सिंह के 90 प्रतिशत विकलांग होने का प्रमाण पत्र कोर्ट में दिया। विकलांगता प्रमाण पत्र के आधार पर उनकी जमानत मंजूर हो गई।
सामूहिक हत्याकांड के आरोपी की जमानत मंजूर होने की जानकारी होते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। डीएम यशवंत राव ने डीजीसी सुभाष चंद्र यादव, एडीजीसी अशोक यादव को बुलाकर पूरे मामले की जानकारी ली। जिला जज उमेश कुमार शर्मा ने भी डीजीसी से मामले के तथ्यों को लेकर पूछताछ की। डीएम के निर्देश पर डीजीसी सुभाष यादव ने अपर जिला जज चतुर्थ के न्यायालय में जमानत निरस्त कराने के लिए आवेदन किया है। आवेदन में जमानत लेने के दौरान तथ्यों को छिपाने की बात कही है। अपर जिला जज ने मामले की सुनवाई के लिए 29 मई की तिथि तय कर दी है।
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सामूहिक हत्याकांड के आरोपी आरबी सिंह की जमानत निरस्त कराने के लिए मैंने स्वयं अपर जिला जज के न्यायालय में ही आवेदन किया है। जमानत पाने में तथ्यों को छिपाया गया है। 29 मई को सुनवाई के दौरान सभी तथ्य कोर्ट के सामने रखे जाएंगे।
-सुभाषचंद्र यादव, जिला शासकीय अधिवक्ता
आरबी सिंह की जमानत के संबंध में पूरी पत्रावली तलब की गई है। जिला जज को भी मामले से अवगत करा दिया गया है। पत्रावली सामने आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-यशवंत राव, जिलाधिकारी
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थाना भोगांव क्षेत्र में सर्वा के निकट छह सितंबर 1996 को जीप सवार पूर्व विधायक उपदेश सिंह चौहान के भतीजे गजेंद्र सिंह उर्फ टिल्लू, अशोक कुमार, नरेश कुमार, रामकिशन, हेमसिंह, महेश कुमार की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई। पूर्व विधायक के भाई सुरेंद्र सिंह ने 10 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई। आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है। कई आरोपी अभी भी जेल में हैं। आरोपी रामानंद दीक्षित, जगन्नाथ दीक्षित की मौत हो चुकी है। घटना के बाद से ही एक आरोपी राजभूषण उर्फ आरबी सिंह फरार हो गए थे। उनकी गिरफ्तारी के लिए इंटरपोल की मदद लेने के लिए रेड कार्नर नोटिस तक जारी किया गया था। 19 साल बाद आरबी सिंह को एसटीएफ ने मई 2015 में पकड़कर जेल भेजा। उनके जमानत के दो आवेदन जिला न्यायालय से खारिज हो चुके हैं। उन्होंने जमानत पाने के लिए तीसरी बार आवेदन किया। जमानत की सुनवाई अपर जिला जज चतुर्थ लालचंद्र की कोर्ट में हुई। जेल के डाक्टर ने आरबी सिंह के 90 प्रतिशत विकलांग होने का प्रमाण पत्र कोर्ट में दिया। विकलांगता प्रमाण पत्र के आधार पर उनकी जमानत मंजूर हो गई।
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सामूहिक हत्याकांड के आरोपी की जमानत मंजूर होने की जानकारी होते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। डीएम यशवंत राव ने डीजीसी सुभाष चंद्र यादव, एडीजीसी अशोक यादव को बुलाकर पूरे मामले की जानकारी ली। जिला जज उमेश कुमार शर्मा ने भी डीजीसी से मामले के तथ्यों को लेकर पूछताछ की। डीएम के निर्देश पर डीजीसी सुभाष यादव ने अपर जिला जज चतुर्थ के न्यायालय में जमानत निरस्त कराने के लिए आवेदन किया है। आवेदन में जमानत लेने के दौरान तथ्यों को छिपाने की बात कही है। अपर जिला जज ने मामले की सुनवाई के लिए 29 मई की तिथि तय कर दी है।
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सामूहिक हत्याकांड के आरोपी आरबी सिंह की जमानत निरस्त कराने के लिए मैंने स्वयं अपर जिला जज के न्यायालय में ही आवेदन किया है। जमानत पाने में तथ्यों को छिपाया गया है। 29 मई को सुनवाई के दौरान सभी तथ्य कोर्ट के सामने रखे जाएंगे।
-सुभाषचंद्र यादव, जिला शासकीय अधिवक्ता
आरबी सिंह की जमानत के संबंध में पूरी पत्रावली तलब की गई है। जिला जज को भी मामले से अवगत करा दिया गया है। पत्रावली सामने आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-यशवंत राव, जिलाधिकारी