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सर्दी का असर, नहीं दिखे भास्कर
Thu, 09 Nov 2023 07:05 PM IST
Anonymous User
ब्यूरो, अमर उजाला मैनपुरी
ब्यूरो, अमर उजाला मैनपुरी
Published by: Anonymous User
Updated Thu, 09 Nov 2023 07:05 PM IST
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मैनपुरी। शनिवार को बारिश और सर्द हवाओं के बाद रविवार को भी पूरे दिन आसमान पर बादल छाए रहे। पारा लुढ़कने से गलन भरी सर्दी भी शुरू हो गई। रविवार को बारिश तो नहीं हुई लेकिन धूप भी नहीं निकली। इसके चलते सूर्यदेव के दर्शन नहीं हो सके। ठंड के कारण न्यूनतम तापमान 10 डिग्री और अधिकतम तापमान 13.4 डिग्री सेल्सियस रहा।
रविवार को भी सुबह से देर शाम तक आसमान पर काली घटाएं छाई रहीं। दिन में बारिश के आसार नजर आए। इसके साथ ही ठिठुरन भरी सर्दी ने सभी को परेशान रखा। लगातार बादल छाए रहने से जहां ठंड बढ़ी वहीं किसान भी चिंतित नजर आ रहे हैं। किसानों के अनुसार और बारिश हुई तो आलू और सरसों की फसल को नुकसान पहुंच सकता है। लगातार नमी रहने से आलू में झुलसा रोग लगने की आशंका जताई जा रही है।
गलन भरी सर्दी से आदमी ही नहीं बल्कि पशु-पक्षी भी बेहाल नजर आए। कड़ाके की सर्दी के चलते बाजारों में भी चहल-पहल कम ही नजर आई। कई दुकानदार अलाव जलाकर तापते नजर आए। वहीं आम आदमी की गलन भरी सर्दी में दिनचर्या ही बिगड़ गई है।
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शहर में नही जलवाए अलाव
कड़ाके की सर्दी से बचाव के लिए प्रशासन और नगर पालिका द्वारा अलाव जलाए जाने की व्यवस्था नहीं की गई है। प्रमुख चौराहों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, जिला अस्पताल आदि स्थानों पर अलाव नहीं जलने से गरीब और बेसहारा लोगों को गलन भरी सर्दी के बीच कांपना पड़ा।
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रविवार को भी सुबह से देर शाम तक आसमान पर काली घटाएं छाई रहीं। दिन में बारिश के आसार नजर आए। इसके साथ ही ठिठुरन भरी सर्दी ने सभी को परेशान रखा। लगातार बादल छाए रहने से जहां ठंड बढ़ी वहीं किसान भी चिंतित नजर आ रहे हैं। किसानों के अनुसार और बारिश हुई तो आलू और सरसों की फसल को नुकसान पहुंच सकता है। लगातार नमी रहने से आलू में झुलसा रोग लगने की आशंका जताई जा रही है।
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गलन भरी सर्दी से आदमी ही नहीं बल्कि पशु-पक्षी भी बेहाल नजर आए। कड़ाके की सर्दी के चलते बाजारों में भी चहल-पहल कम ही नजर आई। कई दुकानदार अलाव जलाकर तापते नजर आए। वहीं आम आदमी की गलन भरी सर्दी में दिनचर्या ही बिगड़ गई है।
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शहर में नही जलवाए अलाव
कड़ाके की सर्दी से बचाव के लिए प्रशासन और नगर पालिका द्वारा अलाव जलाए जाने की व्यवस्था नहीं की गई है। प्रमुख चौराहों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, जिला अस्पताल आदि स्थानों पर अलाव नहीं जलने से गरीब और बेसहारा लोगों को गलन भरी सर्दी के बीच कांपना पड़ा।