{"_id":"572b870e4f1c1b4e345cd78b","slug":"the-death-of-the-young-man-electrocuted-burnt-sister-and-mother","type":"story","status":"publish","title_hn":"करंट से युवक की मौत, मां-बहन झुलसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
करंट से युवक की मौत, मां-बहन झुलसी
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
Updated Thu, 05 May 2016 11:21 PM IST
विज्ञापन
हादसा
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गांव विरतिया में हाईटेंशन लाइन का करंट घरों में उतरने से एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। करंट लगने से उसकी मां और बहन भी झुलस गए। गुस्साए लोगों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया।
गुरुवार को किशनी के ग्राम विरतिया में सुबह पांच बजे अचानक हाईटेंशन लाइन का करंट घरों की विद्युत लाइनों में उतर आया। इससे घरों में लगे बिजली के उपकरण फुंकने लगे। वोल्टेज ज्यादा होने के कारण गांव का ही सचिन शाक्य (18) पुत्र धनीराम स्टेबलाइजर बंद करने के लिए गया तभी उसमें आ रहे करंट से बुरी तरह झुलस गया। उसकी चीख सुन मां गीता देवी और बहन वंदना भी उसे छुड़ाने के प्रयास में करंट की चपेट में आ गए। चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण पहुंचे लेकिन युवक की मौत हो गई थी। मां-बहन को तुरंत चिकित्सक के पास लेकर पहुंचे।
बिजली विभाग की लापरवाही से आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को नहीं उठने दिया। बाद में एसडीएम सुरेश कुमार सोनी, तहसीलदार राकेश सोनी, ब्लाक प्रमुख मीरा देवी यादव अैर इंजीनियर रामपाल सिंह यादव मौके पर पहुंचे और परिवारीजनों को समझाया जिस पर छह घंटे बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। अधिकारियों ने विद्युत अधिकारियों से मृतक के परिवार की मदद करने को कहा। मृतक के पिता धनीराम ने तहरीर दी है। विद्युत विभाग के जेई गिरिप्रसाद ने बताया कि जांच कर मुआवजे की कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
गुरुवार को किशनी के ग्राम विरतिया में सुबह पांच बजे अचानक हाईटेंशन लाइन का करंट घरों की विद्युत लाइनों में उतर आया। इससे घरों में लगे बिजली के उपकरण फुंकने लगे। वोल्टेज ज्यादा होने के कारण गांव का ही सचिन शाक्य (18) पुत्र धनीराम स्टेबलाइजर बंद करने के लिए गया तभी उसमें आ रहे करंट से बुरी तरह झुलस गया। उसकी चीख सुन मां गीता देवी और बहन वंदना भी उसे छुड़ाने के प्रयास में करंट की चपेट में आ गए। चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण पहुंचे लेकिन युवक की मौत हो गई थी। मां-बहन को तुरंत चिकित्सक के पास लेकर पहुंचे।
विज्ञापन
बिजली विभाग की लापरवाही से आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को नहीं उठने दिया। बाद में एसडीएम सुरेश कुमार सोनी, तहसीलदार राकेश सोनी, ब्लाक प्रमुख मीरा देवी यादव अैर इंजीनियर रामपाल सिंह यादव मौके पर पहुंचे और परिवारीजनों को समझाया जिस पर छह घंटे बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। अधिकारियों ने विद्युत अधिकारियों से मृतक के परिवार की मदद करने को कहा। मृतक के पिता धनीराम ने तहरीर दी है। विद्युत विभाग के जेई गिरिप्रसाद ने बताया कि जांच कर मुआवजे की कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा।
विज्ञापन