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UP: परिषदीय स्कूलों की व्यवस्था पर संकट...शिक्षकों का समायोजन लटका, बच्चों की पढ़ाई होगी प्रभावित
Thu, 12 Jun 2025 05:38 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
Published by: अरुन पाराशर
Updated Thu, 12 Jun 2025 05:38 PM IST
सार
विभागीय रिकॉर्ड की मानें तो जिले के 1909 स्कूलों में से 1100 से अधिक स्कूल ऐसे हैं, जहां मानक के अनुसार शिक्षकों की तैनाती नहीं है। इसके चलते यहां का शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है।
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जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
मैनपुरी में परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों का समायोजन फिर से लटक गया है। इसके चलते स्कूल खुलने पर छात्रों की पढ़ाई में व्यवधान होगा। पिछले तीन साल से जिले के परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों के समायोजन की प्रक्रिया नहीं की गई है। इसके चलते यहां शिक्षक और छात्र अनुपात में भारी अंतर हो गया है। हालात यह हैं कि कहीं 50 छात्रों पर ही चार शिक्षकों की तैनाती है तो कहीं 90 पर मात्र एक शिक्षक ही तैनात है।
शासन की ओर से 15 दिन पहले जनपद के अंदर शिक्षकों के स्थानांतरण और समायोजन की बात कही गई थी। लेकिन यह प्रक्रिया फिर से लटक गई है। अभी तक विभाग की ओर से बेसिक शिक्षा विभाग को कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। विभागीय सूत्र बताते हैं कि मामला कोर्ट में जाने के कारण समायोजन प्रक्रिया नहीं हो सकेगी।
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शासन की ओर से 15 दिन पहले जनपद के अंदर शिक्षकों के स्थानांतरण और समायोजन की बात कही गई थी। लेकिन यह प्रक्रिया फिर से लटक गई है। अभी तक विभाग की ओर से बेसिक शिक्षा विभाग को कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। विभागीय सूत्र बताते हैं कि मामला कोर्ट में जाने के कारण समायोजन प्रक्रिया नहीं हो सकेगी।
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मानक के अनुसार नहीं है शिक्षकों की तैनाती
मानक के अनुसार परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में 30 छात्रों पर एक शिक्षक की तैनाती अनिवार्य है जबकि उच्च प्राथमिक में 35 छात्रों पर एक शिक्षक की तैनाती का शासनादेश है। लेकिन जिले के स्कूलों में यह व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित है। विभागीय रिकॉर्ड की मानें तो जिले के 1909 स्कूलों में से 1100 से अधिक स्कूल ऐसे हैं जहां मानक के अनुसार शिक्षकों की तैनाती नहीं है। इसके चलते यहां का शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है।
बीएसए दीपिका गुप्ता ने बताया कि समायोजन के संबंध में अभी तक कोई लिखित आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। समायोजन की सारी प्रक्रिया शासन और विभाग के अधीन है। बिना आदेश के कुछ भी नहीं किया जा सकता। फिलहाल नहीं लग रहा कि इस साल भी शिक्षकों का समायोजन होगा।
मानक के अनुसार परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में 30 छात्रों पर एक शिक्षक की तैनाती अनिवार्य है जबकि उच्च प्राथमिक में 35 छात्रों पर एक शिक्षक की तैनाती का शासनादेश है। लेकिन जिले के स्कूलों में यह व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित है। विभागीय रिकॉर्ड की मानें तो जिले के 1909 स्कूलों में से 1100 से अधिक स्कूल ऐसे हैं जहां मानक के अनुसार शिक्षकों की तैनाती नहीं है। इसके चलते यहां का शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है।
बीएसए दीपिका गुप्ता ने बताया कि समायोजन के संबंध में अभी तक कोई लिखित आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। समायोजन की सारी प्रक्रिया शासन और विभाग के अधीन है। बिना आदेश के कुछ भी नहीं किया जा सकता। फिलहाल नहीं लग रहा कि इस साल भी शिक्षकों का समायोजन होगा।