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1.50 लाख का लक्ष्य, 1.23 लाख ने दी परीक्षा
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
Updated Sun, 21 Aug 2016 11:20 PM IST
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परीक्षा
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
जिले के 464 लोक शिक्षा केंद्रों पर रविवार को नवसाक्षरों की परीक्षा हुई। .50 लाख नवसाक्षरों का लक्ष्य था, 1.23 लाख ने परीक्षा दी। वहीं कई केंद्र देरी से खुले तो कई केंद्रों पर प्रेरक अभ्यर्थियों का इंतजार करते नजर आए।
सुबह दस बजे परीक्षा शुरू हुई जो शाम पांच बजे तक चली। परीक्षा के लिए जिले के देहात के क्षेत्रों में 464 केंद्र बनाए गए थे। इनमें कई केंद्र देरी से खुले इसके चलते परीक्षा देरी से शुरू हुई। इनमें घिरोर, करहल और कुसमरा क्षेत्र के ग्राम शामिल हैं। केंद्रों पर प्रौढ़ और वृद्धों ने सुविधा के अनुसार पिछले छह माह ग्रहण की गई शिक्षा के आधार पर परीक्षा दी। जिले में कुल 1.50 लाख नवसाक्षरों को परीक्षा देनी थी। हालांकि रविवार को शाम पांच बजे तक एक लाख 23 हजार 229 ने ही परीक्षा दी।
डीसी पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि जिन केंदों पर परीक्षा देरी से शुरू हुई वहां के प्रेरकों को फटकार लगाई गई है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष यह आदेश है कि जो परीक्षा देंगे वही समाजवादी पेंशन पाएंगे। इसके चलते अच्छी संख्या रही। सितंबर तक परीक्षा परिणाम की सीडी बनाकर शिक्षा निदेशालय को भेज देंगे। परीक्षा बीएसए, डिप्टी एबीएसए, एबीएसए, बीडीओ, एनपीआरसी, एबीआरसी, ब्लाक कोआर्डिंनेटर के निर्देशन में हुई।
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लोक शिक्षा केंद्र अजीतगंज मिला बंद
लोक शिक्षा केंद्र अजीतगंज का निरीक्षण करने पहुंचे जिला समन्वयक पुष्पेंद्र सिंह को केंद्र शाम चार बजे तक बंद मिला। इसके चलते यहां परीक्षा नहीं हो सकी। इस पर उन्होंने ब्लाक कोआर्डिनेटर और प्रेरक के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
प्रेरक करते मिले नवसाक्षरों का इंतजार
वहीं लोक शिक्षा केंद्र खरपरी पर सुबह 10.30 बजे केंद्र पर एक भी नवसाक्षर नहीं मिला। केंद्र पर तैनात दो प्रेरकाें में से केवल सुनीता देवी ही उपस्थित थीं। जबकि प्रेरक राजवाला केंद्र पर नहीं थीं। प्रेरक सुनीता देवी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र के चलते सुबह 11 बजे से पहले एक भी नवसाक्षर नहीं आता है। वहीं एक या दो करके आएंगे और परीक्षा देकर चले जाएंगे। इसके चलते वह इंतजार में शाम पांच बजे तक बैठेंगे।
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सुबह दस बजे परीक्षा शुरू हुई जो शाम पांच बजे तक चली। परीक्षा के लिए जिले के देहात के क्षेत्रों में 464 केंद्र बनाए गए थे। इनमें कई केंद्र देरी से खुले इसके चलते परीक्षा देरी से शुरू हुई। इनमें घिरोर, करहल और कुसमरा क्षेत्र के ग्राम शामिल हैं। केंद्रों पर प्रौढ़ और वृद्धों ने सुविधा के अनुसार पिछले छह माह ग्रहण की गई शिक्षा के आधार पर परीक्षा दी। जिले में कुल 1.50 लाख नवसाक्षरों को परीक्षा देनी थी। हालांकि रविवार को शाम पांच बजे तक एक लाख 23 हजार 229 ने ही परीक्षा दी।
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डीसी पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि जिन केंदों पर परीक्षा देरी से शुरू हुई वहां के प्रेरकों को फटकार लगाई गई है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष यह आदेश है कि जो परीक्षा देंगे वही समाजवादी पेंशन पाएंगे। इसके चलते अच्छी संख्या रही। सितंबर तक परीक्षा परिणाम की सीडी बनाकर शिक्षा निदेशालय को भेज देंगे। परीक्षा बीएसए, डिप्टी एबीएसए, एबीएसए, बीडीओ, एनपीआरसी, एबीआरसी, ब्लाक कोआर्डिंनेटर के निर्देशन में हुई।
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लोक शिक्षा केंद्र अजीतगंज मिला बंद
लोक शिक्षा केंद्र अजीतगंज का निरीक्षण करने पहुंचे जिला समन्वयक पुष्पेंद्र सिंह को केंद्र शाम चार बजे तक बंद मिला। इसके चलते यहां परीक्षा नहीं हो सकी। इस पर उन्होंने ब्लाक कोआर्डिनेटर और प्रेरक के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
प्रेरक करते मिले नवसाक्षरों का इंतजार
वहीं लोक शिक्षा केंद्र खरपरी पर सुबह 10.30 बजे केंद्र पर एक भी नवसाक्षर नहीं मिला। केंद्र पर तैनात दो प्रेरकाें में से केवल सुनीता देवी ही उपस्थित थीं। जबकि प्रेरक राजवाला केंद्र पर नहीं थीं। प्रेरक सुनीता देवी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र के चलते सुबह 11 बजे से पहले एक भी नवसाक्षर नहीं आता है। वहीं एक या दो करके आएंगे और परीक्षा देकर चले जाएंगे। इसके चलते वह इंतजार में शाम पांच बजे तक बैठेंगे।