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ताड़का वध की लीला देख दर्शक हुए रोमांचित
Thu, 09 Nov 2023 07:05 PM IST
Anonymous User
ब्यूरो, अमर उजाला मैनपुरी
ब्यूरो, अमर उजाला मैनपुरी
Published by: Anonymous User
Updated Thu, 09 Nov 2023 07:05 PM IST
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मैनपुरी। आगरा रोड स्थित रामलीला मैदान पर चल रही रामलीला में मंगलवार की रात कलाकारों ने विश्वामित्र आगमन, ताड़का वध की लीलाओं का मंचन किया। ताड़का वध होते ही पंडाल में मौजूद दर्शकों ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए। दशरथ और विश्वामित्र के बीच हुए संवाद को लोगों ने खूब सराहा।
मंगलवार की रात श्री प्रभा रामलीला नाट्य कला मंच कानपुर के कलाकारों ने रामलीला में विश्वामित्र आगमन का मंचन करते हुए कहा कि राक्षसों ने जब संत महात्माओं का यज्ञ करना भी दूभर कर दिया तो विश्वामित्र राजा दशरथ के दरबार में पहुंचे और उन्होंने श्रीराम और लक्ष्मण को यज्ञ की रक्षा के लिए मांगा। दशरथ के मना करने पर गुरु वशिष्ठ को हस्तक्षेप करना पड़ा वशिष्ठ ने कहा कि क्षत्रिय का धर्म है कि वह यज्ञ, विप्र, गाय एवं संत की रक्षा करे। राजा का दायित्व है कि वह अपने धर्म का पालन करे। उन्होंने राम लक्ष्मण को विश्वामित्र के साथ भेजने के लिए राजी कर लिया। रामलीला के दौरान जैसे ही राम और लक्ष्मण के स्वरूपों ने ताड़का और सुबाहु आदि राक्षसों का वध किया वैसे ही पंडाल में मौजूद दर्शक रोमांचित हो उठे और जय श्रीराम के जयकारे लगाने लगे। इस मौके पर वीर सिंह भदौरिया, सुरेश चंद्र बंसल, रमेश चंद्र सर्राफ, सुरेश चंद्र गोयल, अशोक गुप्ता पप्पू, गोपाल कृष्ण अग्रवाल, अमरनाथ भारद्वाज, नरेंद्र सिंह राठौर सहित रामलीला कमेटी पदाधिकारियों ने विश्वामित्र, श्रीराम, लक्ष्मण के स्वरूपों की आरती उतारी।
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मंगलवार की रात श्री प्रभा रामलीला नाट्य कला मंच कानपुर के कलाकारों ने रामलीला में विश्वामित्र आगमन का मंचन करते हुए कहा कि राक्षसों ने जब संत महात्माओं का यज्ञ करना भी दूभर कर दिया तो विश्वामित्र राजा दशरथ के दरबार में पहुंचे और उन्होंने श्रीराम और लक्ष्मण को यज्ञ की रक्षा के लिए मांगा। दशरथ के मना करने पर गुरु वशिष्ठ को हस्तक्षेप करना पड़ा वशिष्ठ ने कहा कि क्षत्रिय का धर्म है कि वह यज्ञ, विप्र, गाय एवं संत की रक्षा करे। राजा का दायित्व है कि वह अपने धर्म का पालन करे। उन्होंने राम लक्ष्मण को विश्वामित्र के साथ भेजने के लिए राजी कर लिया। रामलीला के दौरान जैसे ही राम और लक्ष्मण के स्वरूपों ने ताड़का और सुबाहु आदि राक्षसों का वध किया वैसे ही पंडाल में मौजूद दर्शक रोमांचित हो उठे और जय श्रीराम के जयकारे लगाने लगे। इस मौके पर वीर सिंह भदौरिया, सुरेश चंद्र बंसल, रमेश चंद्र सर्राफ, सुरेश चंद्र गोयल, अशोक गुप्ता पप्पू, गोपाल कृष्ण अग्रवाल, अमरनाथ भारद्वाज, नरेंद्र सिंह राठौर सहित रामलीला कमेटी पदाधिकारियों ने विश्वामित्र, श्रीराम, लक्ष्मण के स्वरूपों की आरती उतारी।
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