मैनपुरी में बदमाशों से मुठभेड़: हिस्ट्रीशीटर को लगी गोली, साथी चकमा देकर भागा, एक सिपाही भी हुआ घायल
एसपी ने बताया कि पकड़े गए लुटेरे पर 25 हजार का इनाम घोषित था, जनपद के अलावा अन्य जनपदों में उस पर करीब 31 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।
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मैनपुरी में शुक्रवार की सुबह स्वाट टीम ने हिस्ट्रीशीटर सहित दो लुटेरों को बिछिया रोड माल गोदाम के पास घेर लिया। मुठभेड़ में हिस्ट्रीशीटर पैर में गोली लगने से घायल हो गया। उसका साथी चकमा देकर भाग निकला। कंधे में गोली लगने से एक सिपाही भी घायल हुआ है। सूचना पर एसपी ने मौके पर पहुंच कर जानकारी ली। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
थाना करहल क्षेत्र के गांव कैरावली निवासी हिस्ट्रीशीटर अनूप उर्फ अनुज एक साथी के साथ बिछिया रोड के पास किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था। इस सूचना पर स्वाट टीम प्रभारी विक्रम सिंह, एसआई जैकब फर्नाडीज व टीम के साथ बताए गए स्थान पर पहुंच गए। टीम ने बिछिया रोड क्रासिंग के पास जब बाइक सवार लुटेरों की घेराबंदी करनी चाही तो वह माल गोदाम के पीछे भागने लगे।
सिपाही के कंधे में लगी गोली
पुलिस टीम ने पीछा किया तो लुटेरों ने फायरिंग करना शुरू कर दिया। अचानक हुए हमले के बाद स्वाट टीम की ओर से जबावी फायरिंग की गई। करीब एक घंटा तक चली मुठभेड़ में हिस्ट्रीशीटर अनूप पैर में गोली लगने से घायल हो गया, वहीं उसका एक साथी पुष्पेंद्र चकमा देकर भाग निकला। फायरिंग में सिपाही रवि कुमार भी कंधे में गोली लगने से घायल हो गया।
मुठभेड़ की सूचना पर एसपी अशोक कुमार राय, एएसपी मधुवन कुमार, सीओ अपराध चंद्रकेश सिंह भी पहुंच गए। भागे हुए लुटेरे की तलाश में कॉम्बिंग की गई लेकिन वह हाथ नहीं आ सका। एसपी अशोक कुमार राय ने बताया कि पकड़ा गया लुटेरा बेहद शातिर अपराधी है। एटा, फिरोजाबाद, कन्नौज सहित अन्य जनपदों में 31 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिसमें लूट, जानलेवा हमला, चोरी आदि शामिल हैं।
सूचना पर नहीं पहुंचे चौकी इंचार्ज
हिस्ट्रीशीटर अनूप उर्फ अनुज अपने साथी के साथ किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में असलहा लेकर घूम रहा था। इस बारे में कोतवाली पुलिस को भनक तक नहीं थी। मुठभेड़ की सूचना वायरलेस के जरिए दी गई, लेकिन मुठभेड़ खत्म होने तक चौकी इंचार्ज नदारद रहे।
कौन था लुटेरों का निशाना
स्वाट टीम से मुठभेड़ के दौरान पकड़े गए बदमाश व उसके साथी का निशाना कौन थे। इसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी। एसपी द्वारा पकड़े गए लुटेरे से पूछा गया तो उसने बताया कि वह साथी पुष्पेंद्र के साथ वारदात के लिए ही यहां आया था। उसे साथी ने बुलाया था, वारदात किसके साथ करनी थी। इस बारे में साथी ही जानता है। उनके द्वारा क्षेत्र में कई वारदात अंजाम दी गई हैं।