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जिला जेल में बंदी ने अात्महत्या
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
Updated Wed, 26 Oct 2016 11:32 PM IST
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suicide
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मंगलवार देर शाम जिला कारागार में पत्नी की हत्या के मामले में निरुद्ध बंदी का शव बैरक के समीप बने शौचालय में गैस पाइप से लटका मिला। बंदी के गले में अंगौछा का फंदा लगा हुआ था। जानकारी होने पर जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल लाया गया। जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिवारीजनों ने हत्या कर शव लटकाने का आरोप लगाया है। वहीं तहसीलदार विनोद कुमार जोशी ने मोर्चरी पहुंचकर जानकारी जुटाई।
थाना बेवर क्षेत्र के गांव बल्लूपुर निवासी हृदेश कुमार (30) की शादी करीब आठ वर्ष पूर्व इटावा के थाना भरथना के गांव सरावा निवासी गीता के साथ हुई थी। करीब दो वर्ष पूर्व गीता की संदिग्ध परिस्थिति में हुई मौत के बाद मायके पक्ष की ओर से पति और अन्य ससुरालीजनों के विरुद्ध दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। करीब पौने दो वर्ष से हृदेश जिला कारागार में बंद था।
मंगलवार देर शाम जब पुलिसकर्मी बंदियों को बैरक में गिनती कर भेज रहे थे। तभी दो बंदी कम हो रहे थे। घबराए पुलिसकर्मियों ने दोबारा गिनती की तब भी दो कम मिले। इसके बाद परिसर में तलाश शुरू कर दी गई। एक बंदी तो शौचालय में बैठा मिल गया। वहीं बंदी हृदेश का शव शौचालय में लगे गैस पाइप पर अंगौछा के फंदे से लटकता मिला। जिसे देखते ही पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए। तत्काल जेल अधीक्षक को घटना की जानकारी दी गई। शव को फंदे से उतारने के बाद जिला अस्पताल भेजा गया, वहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
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मृतक के पिता प्रभुदयाल का आरोप है कि उनके बेटे की बैरक में ही हत्या की गई है। साथ ही कारागार प्रशासन पर भी लापरवाही का आरोप लगाया। दोपहर बाद शव पोस्टमार्टम के बाद परिवारीजनों को सौंप दिया गया।
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थाना बेवर क्षेत्र के गांव बल्लूपुर निवासी हृदेश कुमार (30) की शादी करीब आठ वर्ष पूर्व इटावा के थाना भरथना के गांव सरावा निवासी गीता के साथ हुई थी। करीब दो वर्ष पूर्व गीता की संदिग्ध परिस्थिति में हुई मौत के बाद मायके पक्ष की ओर से पति और अन्य ससुरालीजनों के विरुद्ध दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। करीब पौने दो वर्ष से हृदेश जिला कारागार में बंद था।
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मंगलवार देर शाम जब पुलिसकर्मी बंदियों को बैरक में गिनती कर भेज रहे थे। तभी दो बंदी कम हो रहे थे। घबराए पुलिसकर्मियों ने दोबारा गिनती की तब भी दो कम मिले। इसके बाद परिसर में तलाश शुरू कर दी गई। एक बंदी तो शौचालय में बैठा मिल गया। वहीं बंदी हृदेश का शव शौचालय में लगे गैस पाइप पर अंगौछा के फंदे से लटकता मिला। जिसे देखते ही पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए। तत्काल जेल अधीक्षक को घटना की जानकारी दी गई। शव को फंदे से उतारने के बाद जिला अस्पताल भेजा गया, वहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
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मृतक के पिता प्रभुदयाल का आरोप है कि उनके बेटे की बैरक में ही हत्या की गई है। साथ ही कारागार प्रशासन पर भी लापरवाही का आरोप लगाया। दोपहर बाद शव पोस्टमार्टम के बाद परिवारीजनों को सौंप दिया गया।