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Mainpuri News: राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के नवाचार का अमेरिकी संस्थान के लिए चयन
Wed, 07 Jan 2026 11:19 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
Updated Wed, 07 Jan 2026 11:19 PM IST
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फोटो 27 कॉलेज के निदेशक साथ सफल छात्र और विभागाध्यक्ष। स्रोत कॉलेज
मैनपुरी। लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज मैनपुरी के छात्रों ने जिले का नाम रोशन करने का कार्य किया है। कॉलेज के कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग (सीएसई) विभाग के छात्रों के नवाचार का चयन अमेरिका स्थित इंजीनियरिंग प्रोजेक्टस इन कम्युनिटी सर्विस में इलेक्ट्रीकल एंड इलेक्ट्रोंनिक्स इंजीनियर्स के अंतर्गत हुआ है। कॉलेज के तीन छात्रों के नवाचार चयन पर विद्यालय परिवार ने बधाई दी है।
कॉलेज के निदेशक प्रो. दीपेंद्र सिंह ने बताया कि विश्वभर से केवल सीमित, सामाजिक प्रभाव वाले और उच्च तकनीकी गुणवत्ता वाले प्रोजेक्ट्स को ही इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय अनुदान के लिए चुना जाता है। उन्होंने बताया कि कॉलेज के सीएसई विभाग के चतुर्थ वर्ष के छात्र कुशाग्र शर्मा, ऋतिक राय और प्रिंस मिश्रा के नवाचार का चयन अमेरिकी संस्था ने किया है। इन छात्रों ने इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष डॉ. प्रकाश कुमार सिंह के निर्देशन में अपने अभिनव प्रोजेक्ट फायरनेट (फायर आइडेंटीफिकेशन एंड रेस्पांस नेटवर्क फॉर अर्ली ट्रेकिंग) के लिए 5200 अमेरिकी डॉलर का अंतरराष्ट्रीय अनुदान प्राप्त किया है। यह परियोजना वन क्षेत्रों में आग की प्रारंभिक पहचान, शीघ्र चेतावनी प्रणाली तथा त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र को विकसित करने पर केंद्रित है। यह प्रणाली पर्यावरण संरक्षण, वन संपदा की सुरक्षा और मानव जीवन की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण तकनीकी पहल मानी जा रही है।
काॅलेज और छात्रों की इस सफलता पर डीन अकादमिक डॉ. असीम चंदेल, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष डॉ. अंशुल कुमार मिश्रा, सचिन पचौरी, बलजीत यादव, संजय पाल, विपिन त्यागी आदि ने बधाई दी है।
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कॉलेज के निदेशक प्रो. दीपेंद्र सिंह ने बताया कि विश्वभर से केवल सीमित, सामाजिक प्रभाव वाले और उच्च तकनीकी गुणवत्ता वाले प्रोजेक्ट्स को ही इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय अनुदान के लिए चुना जाता है। उन्होंने बताया कि कॉलेज के सीएसई विभाग के चतुर्थ वर्ष के छात्र कुशाग्र शर्मा, ऋतिक राय और प्रिंस मिश्रा के नवाचार का चयन अमेरिकी संस्था ने किया है। इन छात्रों ने इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष डॉ. प्रकाश कुमार सिंह के निर्देशन में अपने अभिनव प्रोजेक्ट फायरनेट (फायर आइडेंटीफिकेशन एंड रेस्पांस नेटवर्क फॉर अर्ली ट्रेकिंग) के लिए 5200 अमेरिकी डॉलर का अंतरराष्ट्रीय अनुदान प्राप्त किया है। यह परियोजना वन क्षेत्रों में आग की प्रारंभिक पहचान, शीघ्र चेतावनी प्रणाली तथा त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र को विकसित करने पर केंद्रित है। यह प्रणाली पर्यावरण संरक्षण, वन संपदा की सुरक्षा और मानव जीवन की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण तकनीकी पहल मानी जा रही है।
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काॅलेज और छात्रों की इस सफलता पर डीन अकादमिक डॉ. असीम चंदेल, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष डॉ. अंशुल कुमार मिश्रा, सचिन पचौरी, बलजीत यादव, संजय पाल, विपिन त्यागी आदि ने बधाई दी है।
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