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तेज रफ्तार कार ने ली दो बहनों की जान

Fri, 27 Jan 2017 11:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी Updated Fri, 27 Jan 2017 11:46 PM IST
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Speeding car claimed the lives of two sisters
तेज रफ्तार कार ने ली दो बहनों की जान - फोटो : अमर उजाला
थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह रुई मेला के समीप तेज रफ्तार कार ने दो सगी बहनों की जान ले ली। वहीं मां गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसा उस वक्त हुआ जब तीनों मजदूरी की तलाश में जा रही थीं। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल महिला को अस्पताल में भर्ती कराया, वहीं शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजे। कार के चालक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
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एटा के गांव रार पट्टी निवासी महेश बाल्मीकि करीब 10 वर्ष से पत्नी मीना और छह पुत्रियों के साथ थाना भोगांव क्षेत्र के रामलीला ग्राउंड परिसर स्थित कालोनी में रह रहा है। उसने करीब छह वर्ष पूर्व पुत्री क्रांति की शादी अनिल और बसंती की शादी शिवा के साथ की थी। शुक्रवार सुबह मीना दोनों बेटियों के साथ मायका रुई के समीप एक विद्यालय में साफ सफाई का कार्य कर मजदूरी की तलाश में सड़क किनारे चल रही थीं। सुबह करीब 9:30 बजे पीछे से आ रही तेज रफ्तार कार ने तीनों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में क्रांति और बसंती की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं मीना गंभीर रूप से घायल हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल महिला को अस्पताल में भर्ती कराया। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मचा है। पुलिस ने महेश बाल्मीकि की तहरीर पर चालक विवेक निवासी फर्रुखाबाद को गिरफ्तार कर लिया है। वह गाड़ी मालिक और उनके परिवारीजनों को लेकर जवापुर से फर्रुखाबाद जा रहा था।
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क्रांति ने बहन से कहा था आज होगा एक्सीडेंट
 पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद सोनम का कहना था कि घर से निकलने से पहले बहन क्रांति ने उससे कहा था कि आज उसका एक्सीडेंट होगा। मगर उसने बात को मजाक समझकर टाल दिया था। क्रांति की एक तीन साल की बेटी उजाला है। जबकि दूसरी बहन बसंती की एक साल पूर्व ही शादी हुई थी।
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महेश के पास नहीं है आवास
 सड़क हादसे में जान गंवाने वाली दोनों बहनों का बदकिस्मती ने आखिरी सांस तक साथ नहीं छोड़ा। पिता महेश बाल्मीकि ने मेहनत मजदूरी कर तीन बेटियों क्रांति देवी, बसंती और सोनम की शादी की थी। मगर कुछ समय के अंतराल में पतियों ने उन्हें छोड़ दिया। वर्तमान में तीनों शादीशुदा बहनें पिता के साथ रह रही थीं। पिता महेश आवासहीन है और एसडीएम कार्यालय के समीप ही एक गिरासू मकान में परिवार के साथ रहता है।
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