Mainpuri Corona News: लगातार बढ़ रही संक्रमितों की संख्या, अस्पताल प्रशासन बेखबर, लापरवाही की हदें पार
Mainpuri Corona News: जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ रही है। प्रदेश भर में अलर्ट भी घोषित किया गया है। इसके बाद भी जिला अस्पताल प्रशासन लापरवाही बरत रहा है।
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उत्तर प्रदेश के कोरोना के मरीज तेजी के साथ बढ़ रहे हैं। कोरोना को लेकर प्रदेश स्तर पर स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट भी जारी किया है। इसके बाद भी मैनपुरी का स्वास्थ्य विभाग बेखबर ही बना हुआ है। चिकित्सकों को यहां भर्ती होने वाले मरीजों और तीमारदारों की सुरक्षा की तनिक भी चिंता नहीं है। संक्रमण की दर बढ़ने के बाद भी किसी प्रकार की सावधानी नहीं बरती जा रही है।
पिछले एक महीने की बात करें तो जिले में भी कोरोना संक्रमण ने तेजी के साथ पैर पसारे हैं। पिछले 24 दिनों में जिले में 19 कोरोना संक्रमित मिले हैं। इस सबके बाद भी जिले का स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से लापरवाही करता हुआ नजर आ रहा है। सबसे हैरत वाली बात तो यह है कि यहां का महाराजा तेज सिंह जिला अस्पताल कोरोना को लेकर पूरी तरह असुरक्षित दिख रहा है।
जिला अस्पताल में सर्दी, जुकाम और बुखार से पीड़ितों की संख्या बढ़ गई है। कहीं न कहीं ये लक्षण कोरोना के खतरे को भी इंगित करते हैं। परंतु, यहां न तो चिकित्सक और स्टाफ ही कोरोना से बचाव करते हुए देखा जा रहा है। न ही मरीजों की सुरक्षा व्यवस्था के लिए कोई इंतजाम किए गए हैं। कोरोना जैसे लक्षण दिखने वाले मरीजों के प्रति भी किसी भी प्रकार की सावधानी नहीं बरती जा रही है।
गंभीर मरीजों की भी नहीं कराई जाती है कोरोना जांच
महाराजा तेज सिंह जिला अस्पताल की इमरजेंसी में कई गंभीर मरीज सर्दी-जुकाम और बुखार से पीड़ित होकर पहुंचते हैं। यहां कोरोना जांच के नाम पर आठ से दो बजे तक ही जांच की व्यवस्था है। इसके बाद किसी प्रकार की जांच नहीं की जाती है। जिसके चलते यहां आने वाले गंभीर मरीजों की भी जांच नहीं कराई जाती है और उन्हें बिना जांच के ही रेफर कर दिया जाता है। यहां तक कि स्टाफ बिना मास्क के ही गंभीर मरीजों को उपचार देते हुए देखा जा रहा है।
सर्दी जुकाम के मरीजों को सामान्य मरीजों के साथ कर देते हैं भर्ती
हैरान करने वाली बात तो यह है कि जिला अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचने वाले ऐसे मरीज जिन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही है। सर्दी-जुकाम के साथ कोरोना के लक्षण दूर से ही दिख रहे हैं उन्हें भी सामान्य मरीजों के साथ ही भर्ती किया जा रहा है। उनके लिए किसी प्रकार के अलग से वार्ड नहीं बनाए गए हैं। यहां तक कि अस्पताल प्रशासन ने अभी तक कोरोना संदिग्धों के लिए अलग से बैड तक की व्यवस्था नहीं की है।
बिस्तरों पर नहीं बिछाई जा रही हैं चादरें
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को चादर तक उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। ऐसे में जिस बेड पर पूर्व में कोई कोरोना संदिग्ध लेटा था, उसी पर दूसरे मरीज को भर्ती कर दिया जाता है। ऐसे में यदि पहले वाले मरीज को कोरोना हुआ तो ये कई अन्य मरीजों में भी कोरोना पहुंच सकता है।
शीघ्र की जाएगी बेड की व्यवस्था
सीएमएस डॉ. मदनलाल ने बताया कि कोरोना को लेकर अलर्ट जारी है। इमरजेंसी से लेकर इंडोर तक सभी स्टाफ को कोरोना गाइड लाइन के पालन के निर्देश दिए गए हैं। पीकू वार्ड की स्थापना कराई गई है। इमरजेंसी में अलग से बेड की व्यवस्था शीघ्र की जाएगी।