{"_id":"588e28c84f1c1b2f3de803e1","slug":"nimoniya-se-peedit-maasoom-kee-maut","type":"story","status":"publish","title_hn":"निमोनिया से पीड़ित मासूम की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निमोनिया से पीड़ित मासूम की मौत
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
Updated Sun, 29 Jan 2017 11:24 PM IST
विज्ञापन
बढ़ रहे खांसी, निमोनिया और हार्ट के रोगी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मौसम में बदलाव के साथ ही जिला अस्पताल में पेट दर्द, निमोनिया, खांसी और बुखार से पीड़ित रोगियों की संख्या बढ़ रही है। रविवार होने के चलते जिला अस्पताल के आपातकालीन कक्ष में 300 से अधिक रोगी पहुंचे। अस्पताल पहुंचने वालों में सौ से अधिक रोगी बुखार, निमोनिया और खांसी से पीड़ित थे। वहीं निमोनिया की चपेट में आकर एक मासूम की मौत हो गई।
कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम संसारपुर निवासी श्रीचंद्र के चार वर्षीय पुत्र नेपाल सिंह को सर्दी के चलते तबियत बिगड़ गई। ज्यादा हालत बिगड़ने पर परिवारीजन उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर आए। यहां डाक्टराें ने निमोनिया से पीड़ित बताते हुए उपचार शुरू किया। इस दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं शनिवार को भी जिला अस्पताल में सुबह से ही रोगियों की भीड़ पहुंचनी शुरू हो गई थी। सुबह नौ बजे से ही औषधि वितरण काउंटर पर रोगियों की लंबी-लंबी लाइनें लग गईं। अस्पताल आने वालोें में अधिकांश रोगी उल्टी दस्त और बुखार से पीड़ित थे। वहीं रविवार को इमरजेंसी पहुंची शीला कुमारी ने बताया कि उन्हें पिछले दो दिन से पेट में दर्द है। इधर-उधर उपचार कराया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। वहीं रामकुमार का कहना है कि सांस लेने में परेशानी होने पर वह दवा लेने आए हैं।
खानपान में बरतें सावधानी
इस मौसम में खानपान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। दूषित खानपान और कपड़े सही ढंग से न पहनना बीमारियों को बढ़ा रहा है। गरम कपड़े पहनें। सिर और पैर खुले न रखें। लोग वासी भोजन, अधिक वसा युक्त पदार्थ और कटे-फटे फलों का सेवन न करें। बीमार होने पर कुशल चिकित्सक से परामर्श लें।
विज्ञापन
- डा. जेजे राम, वरिष्ठ फिजीशियन जिला अस्पताल
विज्ञापन
कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम संसारपुर निवासी श्रीचंद्र के चार वर्षीय पुत्र नेपाल सिंह को सर्दी के चलते तबियत बिगड़ गई। ज्यादा हालत बिगड़ने पर परिवारीजन उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर आए। यहां डाक्टराें ने निमोनिया से पीड़ित बताते हुए उपचार शुरू किया। इस दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं शनिवार को भी जिला अस्पताल में सुबह से ही रोगियों की भीड़ पहुंचनी शुरू हो गई थी। सुबह नौ बजे से ही औषधि वितरण काउंटर पर रोगियों की लंबी-लंबी लाइनें लग गईं। अस्पताल आने वालोें में अधिकांश रोगी उल्टी दस्त और बुखार से पीड़ित थे। वहीं रविवार को इमरजेंसी पहुंची शीला कुमारी ने बताया कि उन्हें पिछले दो दिन से पेट में दर्द है। इधर-उधर उपचार कराया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। वहीं रामकुमार का कहना है कि सांस लेने में परेशानी होने पर वह दवा लेने आए हैं।
विज्ञापन
खानपान में बरतें सावधानी
इस मौसम में खानपान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। दूषित खानपान और कपड़े सही ढंग से न पहनना बीमारियों को बढ़ा रहा है। गरम कपड़े पहनें। सिर और पैर खुले न रखें। लोग वासी भोजन, अधिक वसा युक्त पदार्थ और कटे-फटे फलों का सेवन न करें। बीमार होने पर कुशल चिकित्सक से परामर्श लें।
विज्ञापन
- डा. जेजे राम, वरिष्ठ फिजीशियन जिला अस्पताल