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ममता हुई शर्मसार: झाड़ियों में मिला खून से सना नवजात, रखवाली करता रहा कुत्ता; कलियुग की यशोदा बनी मिथिलेश
Wed, 17 Sep 2025 06:30 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
Published by: अरुन पाराशर
Updated Wed, 17 Sep 2025 06:30 PM IST
सार
झाड़ियों में मिला नवजात काफी कमजोर है। परीक्षण के बाद उसका वजन मात्र डेढ़ किलो निकला। उसे बेहतर इलाज के लिए चिकित्सकों की ओर से सैफई रेफर किया गया है।
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नवजात को गोदी में लिए मिथिलेश।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
मैनपुरी के किशनी तहसील क्षेत्र के गांव हरचंदपुर में किसी मां ने मजबूरी में अपने कलेजे के टुकड़े को गांव के बाहर झाड़ियों में फेंक दिया। जानकारी पर वहां आई गांव की मिथिलेश बालक के लिए यशोदा बन गईं। उन्होंने बच्चे को अपनाया। बीमार बच्चे को डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए सैफई रेफर कर दिया है।
गांव हरचंदपुर में बुआ के पास रहने वाला प्रिंस (14) नौ दिन पहले किसी काम से गांव के बाहर जा रहा था। रास्ते में उसे बच्चे की रोने की आवाज सुनाई दी। झाड़ियों में पड़े बच्चे को देखकर वह घबरा गया। घर जाकर बुआ को बताया। मिथिलेश वहां पहुंची और खून से सने बच्चे को वह घर ले आई। बच्चे के काफी कमजोर होने से वह बुधवार को पति प्रदीप के साथ सीएचसी किशनी लेकर पहुंची। परीक्षण के बाद उसका वजन मात्र डेढ़ किलो निकला।
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गांव हरचंदपुर में बुआ के पास रहने वाला प्रिंस (14) नौ दिन पहले किसी काम से गांव के बाहर जा रहा था। रास्ते में उसे बच्चे की रोने की आवाज सुनाई दी। झाड़ियों में पड़े बच्चे को देखकर वह घबरा गया। घर जाकर बुआ को बताया। मिथिलेश वहां पहुंची और खून से सने बच्चे को वह घर ले आई। बच्चे के काफी कमजोर होने से वह बुधवार को पति प्रदीप के साथ सीएचसी किशनी लेकर पहुंची। परीक्षण के बाद उसका वजन मात्र डेढ़ किलो निकला।
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डॉ. शरद यादव ने बच्चे को कुपोषित की श्रेणी में पाकर एनआरसी में रखने की सलाह दी। दंपती के तैयार होने पर बेहतर इलाज के लिए बच्चे को सैफई रेफर कर दिया गया।
भतीजे को ले रखा है गोद
मिथिलेश शर्मा की उम्र लगभग 50 वर्ष है। वह भतीजे प्रिंस के साथ रह रही हैं। बच्चे का नाम दंपती ने गणेश रखा है। मिथिलेश का कहना है कि वह बच्चे को अच्छे तरीके से पालन पोषण करेगी। उसका हर संभव उपचार कराएगी। शायद यह बच्चा ईश्वर ने उसके पालन-पोषण के लिए ही भेजा है। जितना प्यार वह भतीजे प्रिंस को देती है उससे भी अधिक प्यार वह इस मासूम को देगी।
मिथिलेश शर्मा की उम्र लगभग 50 वर्ष है। वह भतीजे प्रिंस के साथ रह रही हैं। बच्चे का नाम दंपती ने गणेश रखा है। मिथिलेश का कहना है कि वह बच्चे को अच्छे तरीके से पालन पोषण करेगी। उसका हर संभव उपचार कराएगी। शायद यह बच्चा ईश्वर ने उसके पालन-पोषण के लिए ही भेजा है। जितना प्यार वह भतीजे प्रिंस को देती है उससे भी अधिक प्यार वह इस मासूम को देगी।
कुत्ते की वफादारी की हो रही चर्चा
गांव हरचंदपुर में जिस प्रकार से कुत्ते ने मानव परिवार के साथ वफादारी निभाई उसकी चर्चा हर ओर है। मिथिलेश ने बताया कि जब वह गांव के बाहर झाड़ियों के पास पहुंची तो बालक के पास कुत्ता बैठा था। गांव का वह कुता बालक के साथ सीएचसी तक आया था। झाड़ियों में फेंके गए बालक की जंगली जानवरों से कुत्ते ने ही रक्षा की है।
ये भी पढ़ें-Jaya Kishori: हर मुश्किल को आसान बनाती हैं जया किशोरी की ये 10 बातें, जीवन में बदलाव के लिए बेहद जरूरी
गांव हरचंदपुर में जिस प्रकार से कुत्ते ने मानव परिवार के साथ वफादारी निभाई उसकी चर्चा हर ओर है। मिथिलेश ने बताया कि जब वह गांव के बाहर झाड़ियों के पास पहुंची तो बालक के पास कुत्ता बैठा था। गांव का वह कुता बालक के साथ सीएचसी तक आया था। झाड़ियों में फेंके गए बालक की जंगली जानवरों से कुत्ते ने ही रक्षा की है।
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