मैनपुरी। जिले में पड़ रही कड़ाके की सर्दी निमोनिया, सांस और ह्दय रोगियों के लिए आफत बनी हुई है। निमोनिया की चपेट में आकर 20 दिन के मासूम बालक की जान चली गई। सांस लेने में दिक्कत होने से दो लोगों की मौत हो गई। दो अन्य मरीजों ने हृदयाघात से दम तोड़ दिया। महाराजा तेज सिंह जिला अस्पताल की ओपीडी में शुक्रवार को मरीजों की भीड़ पहुंची। ओपीडी में विभिन्न बीमारियों के 700 से अधिक मरीजों ने उपचार लिया। इनमें 11 को भर्ती कराया गया है। जबकि तीन मरीजों की हालत गंभीर होने पर मिनी पीजीआई सैफई के लिए रेफर कर दिया गया है।
बिछवां क्षेत्र के गांव जिरौली में निर्माणाधीन कोल्ड स्टोरेज पर मजदूरी कर रहे बिहार के पुरनिया निवासी मिथिलेश कुमार का 20 दिन का पुत्र देवांग निमोनिया की चपेट में आ गया। परिजन ने बिछवां के ही निजी डाक्टर के यहां उपचार कराया, लेकिन कोई आराम नहीं मिला। शुक्रवार सुबह छह बजे के करीब अचानक बालक की हालत बिगड़ी तो परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां जांच के बाद बालक को मृत घोषित कर दिया गया है। बेवर क्षेत्र के गांव खिरिया निवासी नवाब सिंह (68)सांस लेने की दिक्कत से पीड़ित चल रहे थे। परिजन उनका निजी डाक्टर के यहां उपचार करा रहे थे। दोपहर को अचानक हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल लाया गया यहां उन्हें भी मृत घोषित कर दिया गया। शहर के खरगजीत नगर निवासी कुसुम पालीवाल (70) की भी सांस लेने में दिक्कत होने के कारण मौत हो गई। नगर के मुहल्ला छपट्टी निवासी जगदीश कुमार (93) और करहल चौराहा निवासी बालकराम (75) की बृहस्पतिवार देर रात ह्दयगति रुकने के कारण जान चली गई है। वहीं शुक्रवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 769 मरीजों ने पंजीकरण कराने के बाद इलाज लिया। इनमें 300 से अधिक मरीज बुखार, निमोनिया, कोल्ड डायरिया, सांस लेने में दिक्कत, ह्दय रोग, सर्दी, खांसी जुकाम आदि बीमारियों से पीड़ित थे।