मैनपुरी। शहर के पंजाबी कॉलोनी स्थित माहेश्वरी धर्मशाला में श्रीराम कथा समिति के तत्वावधान में श्रीराम कथा एवं अष्टोत्तरशत रुद्र अभिषेक कार्यक्रम चल रहा है। कथा के आठवें दिन कथा व्यास भार्गव मुनीष महाराज ने राम-सीता विवाह और परशुराम लक्ष्मण संवाद कथा का रसपान कराया। कथा व्यास ने कहा कि सभी को राम आचरण का अनुकरण करना चाहिए।
आठवें दिन की कथा के शुभारंभ में कथा के मुख्य यजमान परिवार ने व्यास पूजन कर आरती उतारी। कथा व्यास ने कहा कि धनुष टूटते ही सीता ने राम के गले में वरमाला डाली और उनका विवाह संपन्न हुआ। इसके बाद देवताओं ने पुष्पवर्षा की। धनुष टूटने की आवाज सुनकर क्रोधित भगवान परशुराम वहां आए। परशुराम को क्रोधित देखकर राम कहते हैं कि हे नाथ शिवजी के धनुष को तोड़ने वाला आपका ही कोई दास होगा। राम ने परशुराम से संवाद कर उन्हें शांत किया और धनुष तोड़ने का कारण बताया। कथा के दौरान कथा व्यास ने भजन, कीर्तन सुनाकर श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। इस अवसर पर संजीव मिश्रा वैद्य जी, आयोजक अवध विहारी पांडेय, साध्वी नैना गिरी, मंजूषा चौहान, राधा रानी दुबे, बिंदु पांडेय, शिला राय, घनश्याम दास गुप्ता, केके गुप्ता, अजय दुबे आदि मौजूद रहे।