घिरोर। घर में मगरमच्छ को देखकर दहशत मच गई। गृह स्वामी नन्हे की चीखपुकार से ग्रामीण एकत्रित हो गए। 112 नंबर पर कॉल की तो रात ढाई बजे पुलिस ने पहुंचकर रस्सियों की सहायता से काफी मशक्कत के बाद बांधकर वन विभाग की टीम और थाना पुलिस को सूचना दी। सुबह सात बजे के लगभग वन विभाग की टीम ने अपने साथ ले जाकर सुरक्षित स्थान पर छोड़ा है। थाना क्षेत्र के गांव ढकरई निवासी नन्हे अपने घर पर पड़े छप्पर के नीेचे चबूतरा पर सो रहे थे। रात में लगभग सवा दो बजे मगरमच्छ को देखकर कुत्तों ने भौंकना शुरू हुए तो नन्हे की आंख खुलीं। पांच फुट से अधिक लंबे मगरमच्छ को घर की तरफ आता देख अफरा-तफरी मच गई। चीखपुकार सुनकर जगमोहन सिंह, जुम्मन खां, राजकपूर, शिव कुमार, ब्रजेश यादव, झम्मन खां, रक्षपाल वहां पहुंच गए।
रात में वन विभाग का नंबर न होने से पीआरवी 112 पर कॉल की तो ढाई बजे पीआरवी पहुंची। साहस दिखाते हुए उपनिरीक्षक अनेक सिंह, हैड कांस्टेबल धर्मेंद्र सिंह, कांस्टेबल रामवीर सिंह, चालक विनोद सिंह ने रेस्क्यू कर रस्सी तथा लाठी-डंडों के साथ ग्रामीणों की मदद से बांध लिया। इसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। कुछ समय बाद थाना पुलिस भी पहुंच गई। सुबह पांच बजे के लगभग वन विभाग के कर्मचारी वन दरोगा सुशील तिवारी, अशोक कुमार, मुकेश कुमार पहुंच गए। सुबह ट्रैक्टर का इंतजाम होने के बाद सात बजे मगरमच्छ को अपने साथ ले गए।