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Mainpuri News: सेवा में कमी पर बैंक पीड़ित को देगी 13 हजार रुपये मुआवजा
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मैनपुरी। सेवा में कमी साबित होने पर पंजाब नेशनल बैंक पीड़ित को 13000 रुपये देगी। यह धनराशि 45 दिन के अंदर आयोग के खाते में जमा करनी होगी। पीड़ित की याचिका की सुनवाई करने के बाद यह आदेश जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने बैंक के शाखा प्रबंधक और मंडलीय प्रबंधक को दिया है।थाना दन्नाहार के गांव बटरौली के रहने वाले किसान बुद्धिपाल सिंह ने एक मार्च 2005 को केसीसी से पंजाब नेशनल बैंक की मुख्य शाखा क्लबघर से 50 हजार रुपये का लोन लिया था। बैंक में खेती संबंधी अभिलेख जमा किए थे। वर्ष 2017 में भाजपा सरकार ने फसली ऋण मोचन योजना के तहत लघु सीमांत किसानों के एक लाख तक के लोन माफ कर दिए। इस संबंध में कृषि निदेशक ने पत्र जारी करके जिलाधिकारी को आदेश का पालन कराने के निर्देश दिए थे।
पीड़ित ने 13 सितंबर 2022 को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में याचिका दायर की। याचिका में बताया कि सरकार के लोन माफ करने के बाद भी बैंक के शाखा प्रबंधक वसूली का दबाव बना रहे हैं। बैंक कर्मी भी उसका उत्पीड़न कर रहे हैं। उसने जब बैंक के मंडल कार्यालय आगरा में शिकायत की तो भी कार्रवाई तो दूर सुनवाई तक नहीं की गई। याचिका की सुनवाई आयोग के अध्यक्ष शशिभूषण पांडेय, सदस्य नीतिका दास, नंदकुमार ने की। प्रमाणों के आधार पर आयोग ने आदेश दिया कि सेवा में कमी साबित होने पर पंजाब नेशनल बैंक के शाखा प्रबंधक पीड़ित किसान को 13000 रुपये मुआवजा के रूप में देंगे। इस धनराशि में 8000 रुपये मानसिक कष्ट तथा 5000 रुपये वाद व्यय के शामिल हैं। मुआवजे की धनराशि 45 दिन के अंदर आयोग के खाते में जमा करनी होगी। आयोग ने बैंक प्रबंधक को आदेश दिया है कि किसान से कोई वसूली नहीं की जाएगी।
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पीड़ित ने 13 सितंबर 2022 को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में याचिका दायर की। याचिका में बताया कि सरकार के लोन माफ करने के बाद भी बैंक के शाखा प्रबंधक वसूली का दबाव बना रहे हैं। बैंक कर्मी भी उसका उत्पीड़न कर रहे हैं। उसने जब बैंक के मंडल कार्यालय आगरा में शिकायत की तो भी कार्रवाई तो दूर सुनवाई तक नहीं की गई। याचिका की सुनवाई आयोग के अध्यक्ष शशिभूषण पांडेय, सदस्य नीतिका दास, नंदकुमार ने की। प्रमाणों के आधार पर आयोग ने आदेश दिया कि सेवा में कमी साबित होने पर पंजाब नेशनल बैंक के शाखा प्रबंधक पीड़ित किसान को 13000 रुपये मुआवजा के रूप में देंगे। इस धनराशि में 8000 रुपये मानसिक कष्ट तथा 5000 रुपये वाद व्यय के शामिल हैं। मुआवजे की धनराशि 45 दिन के अंदर आयोग के खाते में जमा करनी होगी। आयोग ने बैंक प्रबंधक को आदेश दिया है कि किसान से कोई वसूली नहीं की जाएगी।
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