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Mainpuri News: एफसीआई में नौकरी लगवाने के नाम पर 49 लाख की ठगी
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मैनपुरी। एफ़सीआई में नौकरी दिलाने का झांसा देकर सात लोगों से 49 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। न्यायालय के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने एक ठग के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कांशीराम आवास नगला कीरत निवासी प्रवीन कश्यप ने बताया कि वर्ष 2018 में उसकी मुलाकात इटावा निवासी विनय यादव उर्फ डेविल से हुई थी। विनय ने खुद को एफ़सीआई कर्मचारी बताकर बड़े अधिकारियों से पहचान का दावा किया और नौकरी दिलाने का लालच दिया।
प्रति व्यक्ति सात लाख रुपये की मांग की। प्रवीन ने अपने रिश्तेदारों सहित कुल सात लोगों से रुपये एकत्र किए। ये 49 लाख रुपये उसने विनय को दिलवा दिए। 10 नवंबर 2018 को आरोपी ने घर आकर सात लोगों को फर्जी अनंतिम नियुक्ति पत्र व परिचय पत्र दिए। उसने उन्हें रनिया, बांदा और बिहार में कार्यालय समय के बाद ट्रेनिंग कराई। बाद में पीड़ितों को विनय की धोखाधड़ी का पता चला। नियुक्ति पत्र फर्जी निकले और कराई गई ट्रेनिंग भी एक षड्यंत्र का हिस्सा थी। जब रुपये वापस मांगे गए तो आरोपी टालमटोल करने लगा और वापस नहीं किए।
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24 अक्तूबर 2025 को विनय अपने चार पांच साथियों के साथ प्रवीन के घर आया और गाली-गलौज कर मारपीट की। पुलिस द्वारा शिकायत दर्ज न करने पर प्रवीन ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद अब प्राथमिकी दर्ज हुई है। ये लोग हुए ठगी का शिकार
नौकरी लगवाने के नाम पर विजय कश्यप निवासी ताजपुर जनपद फर्रुखाबाद, मिथुन कश्यप निवासी माझगांव फर्रुखाबाद से 7-7 लाख रुपये लिए गए। इसके अलावा पुष्पेंद्र सिंह निवासी फरीदपुर सैतरा फर्रुखाबाद, रामेंद्र, प्रवीन, दिलीप कुमार निवासी गांव छाछा भोगांव, अनुज निवासी हरपालपुर जनपद हरदोई भी नौकरी के नाम पर ठगी का शिकार हुए हैं।
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कांशीराम आवास नगला कीरत निवासी प्रवीन कश्यप ने बताया कि वर्ष 2018 में उसकी मुलाकात इटावा निवासी विनय यादव उर्फ डेविल से हुई थी। विनय ने खुद को एफ़सीआई कर्मचारी बताकर बड़े अधिकारियों से पहचान का दावा किया और नौकरी दिलाने का लालच दिया।
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प्रति व्यक्ति सात लाख रुपये की मांग की। प्रवीन ने अपने रिश्तेदारों सहित कुल सात लोगों से रुपये एकत्र किए। ये 49 लाख रुपये उसने विनय को दिलवा दिए। 10 नवंबर 2018 को आरोपी ने घर आकर सात लोगों को फर्जी अनंतिम नियुक्ति पत्र व परिचय पत्र दिए। उसने उन्हें रनिया, बांदा और बिहार में कार्यालय समय के बाद ट्रेनिंग कराई। बाद में पीड़ितों को विनय की धोखाधड़ी का पता चला। नियुक्ति पत्र फर्जी निकले और कराई गई ट्रेनिंग भी एक षड्यंत्र का हिस्सा थी। जब रुपये वापस मांगे गए तो आरोपी टालमटोल करने लगा और वापस नहीं किए।
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24 अक्तूबर 2025 को विनय अपने चार पांच साथियों के साथ प्रवीन के घर आया और गाली-गलौज कर मारपीट की। पुलिस द्वारा शिकायत दर्ज न करने पर प्रवीन ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद अब प्राथमिकी दर्ज हुई है। ये लोग हुए ठगी का शिकार
नौकरी लगवाने के नाम पर विजय कश्यप निवासी ताजपुर जनपद फर्रुखाबाद, मिथुन कश्यप निवासी माझगांव फर्रुखाबाद से 7-7 लाख रुपये लिए गए। इसके अलावा पुष्पेंद्र सिंह निवासी फरीदपुर सैतरा फर्रुखाबाद, रामेंद्र, प्रवीन, दिलीप कुमार निवासी गांव छाछा भोगांव, अनुज निवासी हरपालपुर जनपद हरदोई भी नौकरी के नाम पर ठगी का शिकार हुए हैं।