UP: अटकलों पर विराम, भाजपा की लिस्ट में नहीं संघमित्रा मौर्य का नाम; कभी मुलायम सिंह यादव को दी थी चुनौती
भाजपा प्रत्याशियों की लिस्ट आई तो कई तरह की अटकलों पर विराम लग गया। विराम लग गया कि कभी मुलायम सिंह को चुनौती देने वाली भाजपा सांसद संघमित्रा मौर्य मैनपुरी से चुनाव नहीं लड़ेंगी। पार्टी ने वहां से भी उन्हें अपना प्रत्याशी नहीं घोषित किया है। एक बार फिर मौर्य के हाथ निराशा ही लगी है।
विस्तार
लोकसभा चुनाव को लेकर पार्टियों में तो घमासान है ही, साथ ही टिकट को लेकर नेताओं के दिलों में भी तूफान उमड़ रहा है। जिनको टिकट मिल रहा है उनके मन में जीतने के लिए तो जिनका टिकट कटा है, उनके मन में राजनीतिक भविष्य को लेकर ऊहापोह की स्थिति है। हाल ही यूपी की कई सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों को लेकर काफी चर्चा रही है। सबके मन में एक ही सवाल रहा कि यहां से कौन?
ऐसी ही एक लोकसभा सीट है मैनपुरी। राजनीतिक जानकार कई तरह के आकलन करते रहे। उनके आकलन के बीच एक नाम निकलकर आया वर्तमान भाजपा सांसद 'संघमित्रा मौर्य' का। अटकलें लगाई जाने लगीं कि मौर्य को भाजपा, डिंपल यादव के सामने चुनावी समर में उतार सकती है।
मैनपुरी में खिलाएंगे कमल- मौर्य
इन अटकलों को लेकर पत्रकारों ने एक जनसभा में उनसे सवाल पूछा कि क्या वह मैनपुरी से चुनाव लड़ेंगी? इस पर उन्होंने बिना किसी संकोच उत्तर दिया कि यदि पार्टी मैनपुरी से टिकट देती है तो तो वह वहां भी कमल खिला देंगी। हालांकि उनके इस उत्तर के पीछे उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षा साफ नजर आ रही थी। जो स्वाभाविक किसी भी नेता के अंदर होती है।बदायूं से पार्टी ने काट दिया टिकट
इससे पहले जब भाजपा ने उनके संसदीय क्षेत्र बदायूं से ब्रज क्षेत्र के अध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य को प्रत्याशी घोषित किया था, तब वह निराश थीं। उनकी यह निराशा उस समय सामने भी आ गई जब खुले मंच पर उनके आंसू छलक पड़े। हालांकि बदायूं में पार्टी प्रत्याशी दुर्विजय सिंह शाक्य के चुनाव-प्रचार में उनकी लगातार सक्रियता दिखी।मैनपुरी से भाजपा प्रत्याशी घोषित
जब मैनपुरी से उनकी दावेदारी की चर्चा हुई तो एक बार फिर वह निराशा से बाहर निकलीं। अब बुधवार को भाजपा ने मैनपुरी से योगी सरकार में मंत्री जयवीर सिंह को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया। इसके बाद मौर्य की आखिरी उम्मीद भी अंधेरे में समा गई। जाहिर है पार्टी की तरफ से उन्हें यह झटका है। हालांकि अभी इस पर उनकी प्रतिक्रिया नहीं आई है।यह भी पढ़ेंः- Election 2024: मुस्लिम वोटों के लिए अपनी-अपनी गोटी सेट करने में जुटे सियासी दल, बिछा रहे ध्रुवीकरण की बिसात
आइए जानते हैं कौन हैं संघमित्रा मौर्य
संघमित्रा मौर्य वर्तमान में बदायूं सीट से भाजपा सांसद हैं। वह स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी हैं। उन्होंने वर्ष 20219 में हुए लोकसभा चुनाव में सपा के धर्मेंद्र यादव को हराकर जीत हासिल की थी। इससे पहले वर्ष 2014 में उन्होंने मैनपुरी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था। लेकिन सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव से हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद उन्होंने भाजपा की सदस्यता ले ली थी।बदायूं मेरा परिवार है...
इससे पहले मौर्य ने अपने एक बयान में कहा कि बदायूं मेरा परिवार है और रहेगा। बेटी बनकर बदायूं के लोगों की सेवा की है। इस धर्म को आजीवन निभाती रहूंगी। संघमित्रा ने कहा कि राजनीति में उनके जैसे स्पष्ट नेता विरले ही हैं। वह जो कहती हैं, वह करती हैं। उससे कभी पलटती नहीं हैं।यह भी पढ़ेंः- Mainpuri: जयवीर सिंह के भाजपा प्रत्याशी बनाए जाने पर डिंपल यादव बोलीं- कोई भी आए...समाजवादी पार्टी तैयार है
हम राजनीति-परिवार को साथ लेकर चलते हैं
पिता स्वामी प्रसाद मौर्य के बेटी कहने में शर्म आने संबंधी बयान पर कहा कि उस वक्त उन्होंने क्या सोचकर बयान दिया होगा? इस पर वह कोई टिप्पणी नहीं करेंगी। राजनीति अपनी जगह है और परिवार अपनी जगह। वह दोनों को साथ लेकर चल रही हैं।रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.