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किसानों का लेखपाल के खिलाफ प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
Updated Fri, 08 Apr 2016 11:12 PM IST
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प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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ग्राम हुसैनपुर में लेखपाल ने ओलावृष्टि और राहत राशि के चेक दिलाने के नाम पर किसानों से वसूली की। यही नहीं इसके बाद भी चेक नहीं दिलाए। गुस्साए किसानों ने डीएम से शिकायत की। शुक्रवार को जांच करने पहुंचे नायब तहसीलदार के सामने प्रदर्शन भी किया।
शुक्रवार को ग्राम हुसैनपुर में किसानों ने लेखपालों के खिलाफ प्रदर्शन कर विरोध जताया। वहीं जांच करने पहुंचे नायब तहसीलदार ने किसानों से पूछा कि एक हजार रुपया लोगे या फिर चेक तो किसान भड़क उठे। किसानों ने कहा कि आप शिकायत का सत्यापन करने आए हो या फिर एक हजार रुपये वापस करने। बाद में ग्राम प्रधान ने मामले को शांत किया।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पूर्व में तैनात लेखपाल ने आपदा राहत राशि के पात्र 253 किसानों की सूची बनाई थी। बाद में इस ग्रामसभा में सुखराम सिंह लेखपाल को चार्ज दे दिया गया तो लेखपाल ने चेक दिलाने के नाम पर प्रति किसान एक हजार रुपये लेने की बात कही। किसानों ने पैसे दे भी दिए लेकिन चेक अभी तक नहीं मिले हैं। 31 मार्च को किसानों ने डीएम से मामले की जांच कराकर लेखपाल के विरुद्ध कार्रवाई करने को कहा। गांव के हुकुम सिंह, परमानंद, सूरजमुखी, बलराम, राजेंद्र सिंह, महेंद्र सिंह, ग्राम प्रधान कामेंद्र सिंह, रवी कुमार, राजकमल, जगवीर सिंह, राघवेंद्र, भूपेंद्र सिंह, विष्णुदयाल, रामपाल, मंजू देवी समेत एक सैकड़ा लोगों ने नायाब तहसीलदार को बताया कि उन्होंने लेखपाल को एक-एक हजार रुपये की धनराशि दी है।
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शुक्रवार को ग्राम हुसैनपुर में किसानों ने लेखपालों के खिलाफ प्रदर्शन कर विरोध जताया। वहीं जांच करने पहुंचे नायब तहसीलदार ने किसानों से पूछा कि एक हजार रुपया लोगे या फिर चेक तो किसान भड़क उठे। किसानों ने कहा कि आप शिकायत का सत्यापन करने आए हो या फिर एक हजार रुपये वापस करने। बाद में ग्राम प्रधान ने मामले को शांत किया।
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ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पूर्व में तैनात लेखपाल ने आपदा राहत राशि के पात्र 253 किसानों की सूची बनाई थी। बाद में इस ग्रामसभा में सुखराम सिंह लेखपाल को चार्ज दे दिया गया तो लेखपाल ने चेक दिलाने के नाम पर प्रति किसान एक हजार रुपये लेने की बात कही। किसानों ने पैसे दे भी दिए लेकिन चेक अभी तक नहीं मिले हैं। 31 मार्च को किसानों ने डीएम से मामले की जांच कराकर लेखपाल के विरुद्ध कार्रवाई करने को कहा। गांव के हुकुम सिंह, परमानंद, सूरजमुखी, बलराम, राजेंद्र सिंह, महेंद्र सिंह, ग्राम प्रधान कामेंद्र सिंह, रवी कुमार, राजकमल, जगवीर सिंह, राघवेंद्र, भूपेंद्र सिंह, विष्णुदयाल, रामपाल, मंजू देवी समेत एक सैकड़ा लोगों ने नायाब तहसीलदार को बताया कि उन्होंने लेखपाल को एक-एक हजार रुपये की धनराशि दी है।
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