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कमरे की कच्ची छत भरभराकर गिरी
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
Updated Fri, 15 Apr 2016 11:19 PM IST
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हादसा
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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ग्राम नगरिया में एक दलित के घर के कमरे की छत गुरुवार रात अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे में दूल्हे के बड़े भाई की मलबे में दबकर मौत हो गई, वहीं भाभी और उनके दो बच्चे व तीन रिश्तेदार घायल हो गए। महिला व दोनों बच्चों को सैफई अस्पताल में भर्ती कराया है। हादसे के बाद परिवार में शादी की खुशियां मातम में बदल गईं।
थाना क्षेत्र के ग्राम नगरिया निवासी बच्चनलाल कठेरिया के पुत्र दयाशंकर (22) की शादी 22 अप्रैल को है। गुरुवार को तिलकोत्सव का कार्यक्रम हुआ। शाम को टीका चढ़ने के साथ रात तक दावत चली। खूब नाच गाना हुआ। इसके बाद परिवारीजन व सभी रिश्तेदार सो गए। रात को अचानक घर के एक कमरे की कच्ची छत भरभरा कर गिर गई। कमरे में सो रहे दूल्हे के बड़े भाई विजय कुमार (28), उसकी पत्नी रिंकी (26), बच्ची आशिका (5) और पुत्र अश्वनी (1) मलबे में दब गए। तेज आवाज सुनकर परिवार के अन्य लोग व गांव के लोग जाग गए और मलबा को हटाकर सभी को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक विजय कुमार की मौत हो चुकी थी, जबकि घायल रिंकी और दोनों बच्चों को गंभीर हालत में मिनी पीजीआई सैफई ले जाया गया। वहीं छत पर कुछ रिश्तेदार भी सोए थे। नीचे गिरने से राम सिंह, प्रमोद व बबलू भी घायल हुए हैं, उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इस हादसे से परिवार की शादी की खुशियां मातम में बदल गईं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची।
ग्रामवासियों का कहना है कि घर के जिस कमरे की छत गिरी उसकी दीवारों पर तो सीमेंट लगाया गया है, लेकिन ऊपर छत कच्ची थी।
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थाना क्षेत्र के ग्राम नगरिया निवासी बच्चनलाल कठेरिया के पुत्र दयाशंकर (22) की शादी 22 अप्रैल को है। गुरुवार को तिलकोत्सव का कार्यक्रम हुआ। शाम को टीका चढ़ने के साथ रात तक दावत चली। खूब नाच गाना हुआ। इसके बाद परिवारीजन व सभी रिश्तेदार सो गए। रात को अचानक घर के एक कमरे की कच्ची छत भरभरा कर गिर गई। कमरे में सो रहे दूल्हे के बड़े भाई विजय कुमार (28), उसकी पत्नी रिंकी (26), बच्ची आशिका (5) और पुत्र अश्वनी (1) मलबे में दब गए। तेज आवाज सुनकर परिवार के अन्य लोग व गांव के लोग जाग गए और मलबा को हटाकर सभी को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक विजय कुमार की मौत हो चुकी थी, जबकि घायल रिंकी और दोनों बच्चों को गंभीर हालत में मिनी पीजीआई सैफई ले जाया गया। वहीं छत पर कुछ रिश्तेदार भी सोए थे। नीचे गिरने से राम सिंह, प्रमोद व बबलू भी घायल हुए हैं, उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इस हादसे से परिवार की शादी की खुशियां मातम में बदल गईं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची।
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ग्रामवासियों का कहना है कि घर के जिस कमरे की छत गिरी उसकी दीवारों पर तो सीमेंट लगाया गया है, लेकिन ऊपर छत कच्ची थी।