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नियुक्ति पत्र न मिलने पर अभ्यर्थियों ने काटा हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
Updated Tue, 28 Jun 2016 11:20 PM IST
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हंगामा
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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नियुक्ति पत्र न मिलने पर शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के अभ्यर्थियों ने मंगलवार शाम कलक्ट्रेट और सीडीओ आवास पर हंगामा किया। कहीं भी अधिकारियों के न मिलने पर देर रात तक अभ्यर्थी कलक्ट्रेट परिसर में जमे हुए थे।। बता दें कि 15000 शिक्षक भर्ती के तहत लंबे समय से नियुक्ति पत्र मिलने का इंतजार कर रहे थे। मंगलवार को उक्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र बांटे जाने थे, लेकिन शाम तक जब उन्हें नियुक्ति पत्र नहीं मिले तो उनका धैर्य जवाब दे गया। अभ्यर्थी पहले कलक्ट्रेट और उसके बाद सीडीओ के घर पहुंचे। वहां उन्होंने प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों का कहना है कि हाईकोर्ट का आदेश बदायूं जिले के लिए है अन्य के लिए नहीं। वहीं एबीएसए भारती शाक्य का कहना है कि 283 नियुक्ति पत्र बन चुके हैं लेकिन उनका वितरण नहीं किया गया है।
बेसिक शिक्षा परिषद के तहत दो वर्ष पहले 15000 हजार शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी। इसमें तीन सौ पद रिक्त चल रहे थे। वहीं 2015 में 200 से अधिक अभ्यर्थियों की काउंसलिंग हो गई थी। वहीं उच्च न्यायालय के आदेश के बाद यह प्रक्रिया रुक गई। 2016 में कोर्ट के आदेश के बाद यह प्रक्रिया दोबारा शुरू की गई। मंगलवार को उक्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए जाने थे लेकिन शाम पांच बजे बेसिक शिक्षा परिषद कार्यालय से आए फैक्स संदेश में नियुक्ति पत्र के वितरण पर रोक लगा दी गई। इसकी जानकारी मिलते ही अभ्यर्थियों में आक्रोश फैल गया। वे पहले प्रभारी बीएसए भारती शाक्य के पास पहुंचे। उनके न मिलने पर वे डीएम से मिलने कलक्ट्रेट गए। वहां पर डीएम के न मिलने पर अभ्यर्थियों ने सीडीओ के आवास का रुख किया। यहां पर सीडीओ से मुलाकात नहीं हुई। इसके बाद अभ्यर्थी वापस कलक्ट्रेट पहुंच गए। इस पर देर रात प्रभारी डीएम उज्ज्वल कुमार उनसे मिलने कलक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स मौके पर रहा। प्रभारी डीएम ने प्रभारी बीएसए भारती शाक्य से वार्ता की। इस पर प्रभारी डीएम को बताया गया कि बेसिक शिक्षा सचिव कार्यालय से फैक्स आया है। इसमें हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए नियुक्ति पत्र न बांटने के निर्देश हैं। साथ ही कहा गया है कि यदि नियुक्ति पत्र बंट गए हैं तो उन शिक्षकों को ज्वाइन न कराया जाए। इस पर प्रभारी डीएम ने बुधवार को शासन स्तर से बातचीत कर स्थिति स्पष्ट करने का आश्वासन दिया है।
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बेसिक शिक्षा परिषद के तहत दो वर्ष पहले 15000 हजार शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी। इसमें तीन सौ पद रिक्त चल रहे थे। वहीं 2015 में 200 से अधिक अभ्यर्थियों की काउंसलिंग हो गई थी। वहीं उच्च न्यायालय के आदेश के बाद यह प्रक्रिया रुक गई। 2016 में कोर्ट के आदेश के बाद यह प्रक्रिया दोबारा शुरू की गई। मंगलवार को उक्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए जाने थे लेकिन शाम पांच बजे बेसिक शिक्षा परिषद कार्यालय से आए फैक्स संदेश में नियुक्ति पत्र के वितरण पर रोक लगा दी गई। इसकी जानकारी मिलते ही अभ्यर्थियों में आक्रोश फैल गया। वे पहले प्रभारी बीएसए भारती शाक्य के पास पहुंचे। उनके न मिलने पर वे डीएम से मिलने कलक्ट्रेट गए। वहां पर डीएम के न मिलने पर अभ्यर्थियों ने सीडीओ के आवास का रुख किया। यहां पर सीडीओ से मुलाकात नहीं हुई। इसके बाद अभ्यर्थी वापस कलक्ट्रेट पहुंच गए। इस पर देर रात प्रभारी डीएम उज्ज्वल कुमार उनसे मिलने कलक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स मौके पर रहा। प्रभारी डीएम ने प्रभारी बीएसए भारती शाक्य से वार्ता की। इस पर प्रभारी डीएम को बताया गया कि बेसिक शिक्षा सचिव कार्यालय से फैक्स आया है। इसमें हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए नियुक्ति पत्र न बांटने के निर्देश हैं। साथ ही कहा गया है कि यदि नियुक्ति पत्र बंट गए हैं तो उन शिक्षकों को ज्वाइन न कराया जाए। इस पर प्रभारी डीएम ने बुधवार को शासन स्तर से बातचीत कर स्थिति स्पष्ट करने का आश्वासन दिया है।
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