जहरीली खिचड़ी खाने का मामला: दो मासूमों की मौत, मां का चल रहा इलाज; बच्चों की खबर सुनी तो फिर हो गई बेहोश
मैनपुरी में जहरीली खिचड़ी खाने से दो मासूमों की मौत हो गई जबकि मां का इलाज चल रहा है। होश आने पर बच्चों की मौत की खबर सुनी तो वह फिर बेहोश हो गई।
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उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में तपा की नगरिया निवासी शिवानी को मेडिकल कॉलेज सैफई में होश आया तो बच्चों की मौत की खबर सुन वह फिर से बेहोश हो गई। काफी देर बाद दोबारा हो आया तो चीखने लगी। किसी तरह से परिजन ने संभाला। चिकित्सकों के अनुसार उसकी हालत अब खतरे से बाहर है। बृहस्पतिवार को जहरीली खिचड़ी खाने से महिला के दो बच्चों की मौत हो चुकी है।
कस्बा करहल के मोहल्ला तपा की नगरिया में जहरीली खिचड़ी खाने से विक्रम सिंह की पत्नी शिवानी की हालत बिगड़ गई थी। वहीं मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान दो मासूमों की मौत हो गई। बता दें कि छह अगस्त को शिवानी ने घर पर खिचड़ी बनाई और तीन वर्षीय पुत्री काव्या और डेढ वर्षीय पुत्र वंश के साथ ही खुद भी खाई थी। खिचड़ी खाने के बाद तीनों की तबीयत बिगड़ गई थी। सात अगस्त को मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान काव्या की मौत हो गई थी। वहीं आठ को डेढ़ वर्षीय पुत्र वंश ने दम तोड़ दिया था। शिवानी का इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।
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मेडिकल कॉलेज सैफई में अब शिवानी की हालत खतरे से बाहर है। लेकिन शुक्रवार को जैसे ही वह होश में आई तो उसे अपने कलेजे के टुकड़ों की मौत की खबर मिली। जिसे सुनकर शिवानी एक बार फिर बेहोश हो गई। परिजन घबरा गए, चिकित्सक को बुलाया गया। कुछ देर बाद वह फिर होश में आई और बच्चों को याद कर चीखने लगी।
किसी तरह से परिजन ने उसे ढांढस बंधाया। लेकिन मां है चुप होने का नाम ही नहीं ले रही थी। चीख-चीख कर कह रही थी कि उसके अपने हाथों से ही बच्चों को मौत परोस दी। बच्चों की जगह भगवान उसकी जान ले लेता। बच्चों को हमेशा के लिए खोने के बाद आंसुओं की धार मां शिवानी की आंखों से बहे जा रही है।
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सवाल अब भी बरकरार
दो मासूम बच्चों की मौत और मां शिवानी की हालत बिगड़ने की वजह घर में बनी मूंग दाल की खिचड़ी बताई जा रही है। लेकिन, खिचड़ी जानलेवा कैसे हो गई। उसमें जहर कहां से आ गया। दाल चावल में किसी खराबी के कारण बच्चे और महिला डायरिया से ग्रस्त हो गए। या फिर किसी और तरह से खिचड़ी तक जहर पहुंचा। संभवत: महिला के इलाज के बाद शरीर में मौजूद वह तत्व भी नष्ट हो चुका होगा। जिस कारण से महिला व बच्चों की हालत बिगड़ी थी। वहीं परिजन बच्चों का भी अंतिम संस्कार कर चुके हैं। उनका पोस्टमॉर्टम भी नहीं कराया गया।