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सरकार के आदेश के बाद भी दिनभर भटके किसान

Tue, 22 Nov 2016 11:19 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी Updated Tue, 22 Nov 2016 11:19 PM IST
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Government orders the day after wandering farmer
सरकार के आदेश के बाद भी दिनभर भटके किसान - फोटो : अमर उजाला
सरकार के आदेश के बाद भी देहात क्षेत्रों में किसान पुराने नोट न लिए जाने के चलते खाद और बीज को भटकते रहे। एक केंद्र से दूसरे केंद्र पर चक्कर काटे लेकिन कहीं खाद और बीज नहीं मिले। वहीं कुछ एक केंद्रों पर नोट लिए जाने के चलते दिनभर में लगभग आठ लाख रुपये का खाद और बीज किसान ले गए। जिन लोगों को पुराने नोटों के बदले खाद बीज मिला उन्होंने राहत की सांस ली। वहीं अन्य परेशान रहे।
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जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा ने बताया कि सभी सरकारी केंद्रों को पुराने नोटों के बदले खाद बीज किसानों को देने के आदेश दिए गए हैं यदि कहीं किसानों को परेशानी हुई है तो कार्रवाई की जाएगी।
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मंगलवार को केंद्र सरकार ने आदेश जारी किया था कि सरकारी सहकारी समितियों के केंद्रों पर पुरानी करेंसी के बदले खाद और बीज किसान ले सकेंगे। इसके बाद उक्त केंद्रों पर पुरानी करेंसी के बदले खाद और बीज की खरीद के लिए लाइन लग गई। शहर और आसपास के केंद्रों से किसानों को 500 और 1000 रुपये के नोट लेकर खाद और बीज दिया गया। वहीं देहात में किसान एक केंद्र से दूसरे केंद्र पर भटकते रहे लेकिन किसानों को कोई लाभ नहीं हुआ।
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भोगांव में किसान को खेती के लिए खाद एवं बीज नहीं मिला। नगर के ऊपरटीला निवासी अनिल यादव ने बताया कि सरकार के निर्णय के बाद वह मंगलवार को एसडीएम कोर्ट स्थित कृषि रक्षा इकाई पर बीज लेने पहुंचा तो वहां पर उपस्थित विक्रेता ने पुराने नोटों को लेने से मना कर दिया। वहीं ग्राम नगला खरा निवासी जबर सिंह पाल ने बताया कि सरकार के आदेशों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। वह पूरे दिन खाद लेने के लिए सरकारी समितियों पर घूमता रहा लेकिन किसी ने पुराने नोटों को नहीं लिया।
वहीं ग्राम जगतपुरा निवासी कनौजीलाल ने बताया कि सरकार के आदेशों से कालाधन रखने वालों को ही फायदा हो गया है। वह लोग अपने नोटों को फर्जी ढंग से सोसाइटी एवं बिक्री केंद्रों पर दिखाकर अपना काला धन सफेद करेंगे। वहीं परतापंर सोसाइटी के सचिव आदेश यादव का कहना है कि उनके पास पुराने नोटों को लेने का कोई भी आदेश नहीं आया है। वह नए नोटों से ही खाद दे सकते हैं,
वहीं बेवर में कृभको केंद्र पर खाद लेने गए ग्राम महमुदिया निवासी किसान संदीप कुमार से केंद्र प्रभारी ने 500 का नोट नहीं लिया। बाद में जब वह खुले 10 रुपये के सिक्के लेकर गया। फिर भी उसे खाद नहीं मिली। किसान शिवसरन, जयपाल सिंह, शिवसरन, प्रेमचंद्र को भी 500 रुपये के नोट से खाद नहीं मिली। किसानों ने बताया कि उनकी आलू की फसल में खाद लगनी है लेकिन उन्हें खाद न मिलने से परेशानी हो रही है।
करहल में 500 व हजार रुपये के नोट बंद होने से किसानों को हो रही परेशानी को देखते हुए केंद्र सरकार ने बीज की खरीद के लिए पुराने नोट चलाने की छूट दे दी है। लेकिन बीज विक्रेता इस आदेश का पालन नहीं कर रहे हैं।

वहीं मैनपुरी और शहर के पास स्थित कुछ केंद्रों पर पुराने नोट लेकर किसानों को खाद और बीज दिया गया। जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्मवकर्मा ने बताया कि सभी केंद्रों को आदेश जारी किया गया है कि वे पुराने नोट के बदले किसानों को खाद बीज दें। यदि किसी केंद्र पर किसानों को परेशानी हुई है तो इसकी जांच कराई जाएगी।
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