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एक्सप्रेस वे- स्थानीय स्तर पर निपटेंगे मुआवजा विवाद
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी।
Updated Mon, 08 May 2017 11:13 PM IST
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एक्सप्रेस वे- स्थानीय स्तर पर निपटेंगे मुआवजा विवाद
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे के मुआवजा संबंधित विवादों की सुनवाई और निपटारा अब जिला स्तर पर ही होगा। इस संबंध में यूपीडा (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे डेवलपमेंट आथारिटी)ने पत्र लिखकर विवादों की सुनवाई समिति गठित कर जिला स्तर पर ही करने के निर्देश दिए हैं। इस आदेश के बाद अब जिला प्रशासन ने विवादों का निपटारा करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
उल्लेखनीय है कि जिले की करहल तहसील से होकर आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे निकल रहा है। इसके लिए करहल तहसील में बड़े क्षेत्रफल में जमीन अधिग्रहीत की गई थी। इसके बाद बड़ी संख्या में लोगों ने विभिन्न मुद्दों के आधार पर विरोध शुरू कर दिया था। वर्तमान में भी सौ से अधिक विवाद विभिन्न स्तरों पर विचाराधीन है। पूर्व में एक्सप्रेस वे से संबंधित विवादों की सुनवाई लखनऊ में होती थी। वहीं पर दोनों पक्षों को सुना जाता था। अब यूपीडा ने नए निर्देश जारी किए संबंधित विवाद जिला स्तर पर ही निपटाए जाएंगे। परियोजना के लिए क्रय की गई भूमि का मूल्यांकन चूंकि जिला स्तर पर ही होता है। इसलिए मुआवजा आदि विवादों को निस्तारण जिला स्तर पर ही किया जाएगा।
सौ से अधिक विवाद मुआवजा आदि के एक्सप्रेसवे से प्रभावित किसानों के चल रहे हैं। पत्र में निर्देश दिए मुआवजा के निस्तारण के लिए गठित की गई समिति में यूपीडा के पैकेज दो के लिए नामित योगेश नाथ लाल, स्पेशल फील्ड आफिसर, पीआईयू के अधिशासी अभियंता, निर्माणदायी कंपनी एफ्कान के प्रतिनिधि और तहसीलदार करहल शामिल होंगे। इस संबंध में एडीएम सिटी एके श्रीवास्तव का कहना है कि एक्सप्रेस वे के संबंध में शासन से आए आदेशों को अनुरूप ही कार्रवाई की जाएगी।
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उल्लेखनीय है कि जिले की करहल तहसील से होकर आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे निकल रहा है। इसके लिए करहल तहसील में बड़े क्षेत्रफल में जमीन अधिग्रहीत की गई थी। इसके बाद बड़ी संख्या में लोगों ने विभिन्न मुद्दों के आधार पर विरोध शुरू कर दिया था। वर्तमान में भी सौ से अधिक विवाद विभिन्न स्तरों पर विचाराधीन है। पूर्व में एक्सप्रेस वे से संबंधित विवादों की सुनवाई लखनऊ में होती थी। वहीं पर दोनों पक्षों को सुना जाता था। अब यूपीडा ने नए निर्देश जारी किए संबंधित विवाद जिला स्तर पर ही निपटाए जाएंगे। परियोजना के लिए क्रय की गई भूमि का मूल्यांकन चूंकि जिला स्तर पर ही होता है। इसलिए मुआवजा आदि विवादों को निस्तारण जिला स्तर पर ही किया जाएगा।
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सौ से अधिक विवाद मुआवजा आदि के एक्सप्रेसवे से प्रभावित किसानों के चल रहे हैं। पत्र में निर्देश दिए मुआवजा के निस्तारण के लिए गठित की गई समिति में यूपीडा के पैकेज दो के लिए नामित योगेश नाथ लाल, स्पेशल फील्ड आफिसर, पीआईयू के अधिशासी अभियंता, निर्माणदायी कंपनी एफ्कान के प्रतिनिधि और तहसीलदार करहल शामिल होंगे। इस संबंध में एडीएम सिटी एके श्रीवास्तव का कहना है कि एक्सप्रेस वे के संबंध में शासन से आए आदेशों को अनुरूप ही कार्रवाई की जाएगी।
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