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नालों पर हुआ अतिक्रमण बना जलभराव का कारण
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
Updated Fri, 22 Jul 2016 11:54 PM IST
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नालों पर हुआ अतिक्रमण बना जलभराव का कारण
- फोटो : अमर उजाला
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पालिका प्रशासन नाला सफाई के लाख दावे करे, लेकिन तीन दिन की बारिश ने हकीकत की पोल खोलकर कर रख दी है। लगातार नाले चोक होने से पूरा शहर जलमग्न हो गया है। लोगों ने नालों के ऊपर अतिक्रमण कर खोखे, दुकानें आदि बना लिए हैं।
पालिका क्षेत्र में जलभराव न हो इसके लिए शहर में 73 नाले बनाए गए हैं। इसकी सफाई पर प्रति वर्ष नगरपालिका लाखों रुपया खर्च करती है। बावजूद इसके शहर में जलभराव हो रहा है। तीन दिन हुई बारिश ने पालिका प्रशासन के दावों की पोल खोलकर रख दी। नालों की ठीक से सफाई नहीं हुई है, जिससे शहर के सभी नाले चोक पड़े हैं। नालों की सफाई अतिक्रमण के कारण नहीं हो पाई है। नालों को पाटकर लोगों ने दुकान, खोखे, तख्त और मकान तक बना दिए हैं, जिससे जेसीबी नालों की सफाई नहीं कर पाती। नालों के अंदर कचरा, पालीथिन, सिल्ट आदि भरी रहती है, जिसके चलते यह चोक हो जाते हैं और बरसात में जलभराव का कारण बनते हैं।
प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाओ अभियान तो चलाया जाता है, लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते यह कागजों में ही सिमट जाता है। नगर के स्टेशन रोड से जाने वाले नाले के ऊपर झोपड़ी बनी है। कचहरी रोड से गुजर रहे नाले पर दुकानें और खोखे भी रखे हुए हैं। जबकि यह नाला कुछ मोहल्लों से होता हुआ इशन नदी में जाकर मिलता है। इसके चलते सफाई कर्मचारी नालों की पूरी तरह से सफाई नहीं कर पाते हैं। यह स्थिति शहर आगरा रोड, ज्योंति रोड आदि स्थानों पर बने नालों का है।
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नालों पर हो रहे अतिक्रमण को हटाने के लिए कई बार अभियान चलाया गया। अभियान के बाद लोग फिर से अतिक्रमण कर लेते हैं। इस बार नोटिस दिए गए हैं। शीघ्र ही उक्त के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
रामपाल यादव, ईओ, नगरपालिका
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पालिका क्षेत्र में जलभराव न हो इसके लिए शहर में 73 नाले बनाए गए हैं। इसकी सफाई पर प्रति वर्ष नगरपालिका लाखों रुपया खर्च करती है। बावजूद इसके शहर में जलभराव हो रहा है। तीन दिन हुई बारिश ने पालिका प्रशासन के दावों की पोल खोलकर रख दी। नालों की ठीक से सफाई नहीं हुई है, जिससे शहर के सभी नाले चोक पड़े हैं। नालों की सफाई अतिक्रमण के कारण नहीं हो पाई है। नालों को पाटकर लोगों ने दुकान, खोखे, तख्त और मकान तक बना दिए हैं, जिससे जेसीबी नालों की सफाई नहीं कर पाती। नालों के अंदर कचरा, पालीथिन, सिल्ट आदि भरी रहती है, जिसके चलते यह चोक हो जाते हैं और बरसात में जलभराव का कारण बनते हैं।
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प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाओ अभियान तो चलाया जाता है, लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते यह कागजों में ही सिमट जाता है। नगर के स्टेशन रोड से जाने वाले नाले के ऊपर झोपड़ी बनी है। कचहरी रोड से गुजर रहे नाले पर दुकानें और खोखे भी रखे हुए हैं। जबकि यह नाला कुछ मोहल्लों से होता हुआ इशन नदी में जाकर मिलता है। इसके चलते सफाई कर्मचारी नालों की पूरी तरह से सफाई नहीं कर पाते हैं। यह स्थिति शहर आगरा रोड, ज्योंति रोड आदि स्थानों पर बने नालों का है।
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नालों पर हो रहे अतिक्रमण को हटाने के लिए कई बार अभियान चलाया गया। अभियान के बाद लोग फिर से अतिक्रमण कर लेते हैं। इस बार नोटिस दिए गए हैं। शीघ्र ही उक्त के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
रामपाल यादव, ईओ, नगरपालिका