{"_id":"64e0d151920d7d652404ac39","slug":"drunken-father-broke-both-hands-of-one-year-old-girl-in-mainpuri-she-died-during-treatment-2023-08-19","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"हैवान पिता: एक साल की बच्ची के साथ की क्रूरता, पीट-पीटकर तोड़े दोनों हाथ; मासूम ने तोड़ दिया दम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हैवान पिता: एक साल की बच्ची के साथ की क्रूरता, पीट-पीटकर तोड़े दोनों हाथ; मासूम ने तोड़ दिया दम
Sat, 19 Aug 2023 07:57 PM IST
भूपेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Sat, 19 Aug 2023 07:57 PM IST
सार
मैनपुरी में हैवान बने पिता ने एक साल की बच्ची के साथ क्रूरता की। उसने पीट-पीटकर उसके दोनों हाथ तोड़ दिए। मासूम ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
विज्ञापन
Mainpuri News: अंजू (1 साल) फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मैनपुरी में एक साल पहले पैदा हुई अंजू को महज चार महीने ही अपनों का साथ नसीब हुआ। जब वह केवल दस दिन की थी तभी वह अपनों से बिछड़ गई थी। दरअसल उसे दो भाइयों के साथ बेच दिया गया था। आठ माह बाद वह अपनी मां से दोबारा मिल पाई थी। लेकिन, किसी को कहां पता था कि ये साथ भी महज चार महीने का ही होने वाला था। चार महीने में ही अंजू इतना दर्द सहकर इस संसार से हमेशा के लिए विदा हो गई।
विज्ञापन
शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव हविलिया निवासी रीता देवी पत्नी प्रमोद कुमार के चार बच्चे हैं। इसमें सबसे बड़ी बेटी अंजना छह साल, बेटा कृष्णा तीन और जुड़वां बच्चे अंजू और कन्हैया एक साल के हैं। अंजू और कन्हैया जब महज दस दिन के थे तो उन्हें और कृष्णा को बेच दिया गया था। मां रीता देवी का आरोप था कि उसके पति और ससुरालीजन ने ही उन्हें बेचा था।
विज्ञापन
यह भी पढ़ेंः- हरियाली तीज महोत्सव: बरसाना में लाडली जी ने बरसाई कृपा, वृषभानु नंदनी को स्वर्ण हिंडोले में झुलाया गया झूला
विज्ञापन
इसके बाद मां रीता देवी की शिकायत पर कानपुर पुलिस ने तीनों को अलग-अलग स्थान जालंधर, हरिद्वार और पानीपत से बरामद कर बाल कल्याण समिति सोनभद्र को सौंपा था। इसके बाद बाल कल्याण समिति मैनपुरी के माध्यम से तीनों बच्चे मां रीता देवी को सुपुर्द किए गए थे।
आठ माह के इंतजार के बाद जब बच्चे मां रीता देवी को मिले थे तो उसे लगा जैसे उसके बच्चों को जीवनदान मिल गया। लेकिन उसे क्या पता था कि अंजू और उसका साथ महज चार महीने का ही है। तीन माह बाद ही पिता ने मारपीट कर चारों बच्चों और रीता को घर से निकाल दिया।
यह भी पढ़ेंः- अदानी ग्रुप के नाम पर ठगी: पेट्रोल पंप खुलवाने का दिया लालच, किस्तों में जमा कराए 12 लाख से अधिक...अब फरार
आठ माह के इंतजार के बाद जब बच्चे मां रीता देवी को मिले थे तो उसे लगा जैसे उसके बच्चों को जीवनदान मिल गया। लेकिन उसे क्या पता था कि अंजू और उसका साथ महज चार महीने का ही है। तीन माह बाद ही पिता ने मारपीट कर चारों बच्चों और रीता को घर से निकाल दिया।
यह भी पढ़ेंः- अदानी ग्रुप के नाम पर ठगी: पेट्रोल पंप खुलवाने का दिया लालच, किस्तों में जमा कराए 12 लाख से अधिक...अब फरार
घायल बेटी अंजू का वह यहां-वहां उपचार कराती रही। लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। शनिवार को सुबह सैफई मेडिकल कॉलेज में अंजू हमेशा के लिए संसार को अलविदा कह गई। एक साल की अंजू महज चार महीने ही अपनी मां के पास रह सकी। अंजू की मौत के बाद बिलखती मां को यही मलाल है कि उसकी बेटी अपने जीत जी भी अपनों के साथ न रह पाई।
यह भी पढ़ेंः- Mathura News: सड़क किनारे पड़ा मिला पायजेब कारीगर का शव, शरीर पर चोट के निशान; परिजन बोले- हत्या की गई
गर्भवती है रीता देवी
रीता देवी और उसके बच्चों के पास न तो सिर छिपाने के लिए छत है और न ही भरपेट भोजन की व्यवस्था। रीता का पति और ससुरालीजन पहले से ही उसे घर से निकाल चुके हैं। एक नन्हीं जान और भी है जो अभी इस सबसे बेखबर है। दरअसल रीता देवी के गर्भ में पांचवां बच्चा भी पल रहा है। बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष मंजू चतुर्वेदी ने बताया कि रीता गर्भवती है। ऐसे में समिति को भी अब बाकी बच्चे बच्चों के साथ ही रीता देवी और गर्भस्थ बच्चे की चिंता सता रही है।यह भी पढ़ेंः- Mathura News: सड़क किनारे पड़ा मिला पायजेब कारीगर का शव, शरीर पर चोट के निशान; परिजन बोले- हत्या की गई