फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mainpuri News ›   Do not skip meat shops, slaughterhouses do not tease

मांस की दुकानों को छोड़ा नहीं, बूचड़खानों को छेड़ा नहीं

Thu, 23 Mar 2017 11:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी Updated Thu, 23 Mar 2017 11:38 PM IST
विज्ञापन
Do not skip meat shops, slaughterhouses do not tease
मांस की दुकानों को छोड़ा नहीं, बूचड़खानों को छेड़ा नहीं - फोटो : अमर उजाला
बरसों से मनमाने ढंग से संचालित हो रहे अवैध कमेलों और मांस की दुकानों के खिलाफ सरकार के रुख को देखते हुए प्रशासन एक्शन में आ गया है। गुरुवार को अलग-अलग टीमों ने जिलेभर में ताबड़तोड़ कार्रवाई कर लगभग तीन दर्जन मांस की अवैध दुकानें बंद करा दीं। हालांकि शहर में एक भी बूचड़खाने पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। देहात में जरूर एक सील किया।
विज्ञापन

मंटोला जैसे अतिसंवेदनशील क्षेत्र में भी दो दर्जन से अधिक अवैध मांस की दुकानें बंद कराईं। कइयों का सामान भी जब्त कर लिया। यहां एक बूचड़खाना भी था लेकिन पुलिस ने कार्रवाई की बजाय इसे सिर्फ चेतावनी देकर छोड़ दिया। बता दें कि मुख्यमंत्री का दायित्व संभालते ही योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले पशुओं के अवैध कटान पर रोक लगाने पर जोर दिया। इस पर प्रशासन ने भी सख्त रुख अपना लिया है। लोहामंडी, बोदला, सिकंदरा, खंदारी के अलावा खेरागढ़, सैंया, बाह आदि क्षेत्रों में भी अभियान चला। सभी को बिना लाइसेंस के मांस न बेचने और पशुओं के कटान न करने की चेतावनी दी गई है। हालांकि योगी के खौफ के चलते अभियान से पहले ही मांस की अधिकांश दुकानें और बूचड़खाने बंद हो गए थे।
विज्ञापन


मंटोला में बूचड़खाना छोड़, दुकानें बंद कराईं
नगर निगम की टीम ने पुलिस और प्रशासन की मदद से इस अतिसंवेदनशील क्षेत्र में अभियान चलाया। खौफ के चलते यहां कई दुकानें पहले से ही बंद हो चुकी थीं। पुराने लाइसेंस के आधार पर कुछ दुकानों पर मांस बिक भी रहा था लेकिन नियमों को ताक पर रखकर। कई दुकानदार खुद ही पशुओं का वध कर मांस बेच रहे थे। इस पर टीम ने यहां 15 दुकानें बंद करा दीं। तीन का सामान जब्त कर लिया। यहां एक घर में संचालित बूचड़खाने पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। संचालक ने स्वीकार किया कि उसके यहां पशुवध होता है, इसका लाइसेंस भी उसके पास है। मगर, नियम के मुताबिक घर में बूचड़खाना संचालित नहीं हो सकता, इसके बावजूद टीम ने उस पर कोई कार्रवाई नहीं की। महावीर नाला पर सिर्फ एक दुकान खुली थी। बाकी लोग छापे की सूचना मिलने पर अपनी दुकानें बंद करके पहले ही भाग निकले थे। यहां सिटी मजिस्ट्रेट संदीप कुमार गुप्ता, सीओ छत्ता बीएस त्यागी, नगर निगम के पशुचिकित्साधिकारी डा. योगेश शर्मा के नेतृत्व में अभियान चला।
विज्ञापन
विज्ञापन


लोहामंडी में टीम को देखते ही गिरे दुकानों के शटर
यहां एसीएम विनीता सिंह और सीओ लोहामंडी श्याम कांत के नेतृत्व में मीट की अवैध दुकानों और बूचड़खानों के खिलाफ अभियान चलाया गया। जैसे ही टीम लोहामंडी में टीम पहुंची बाजार में हलचल पैदा हो गई। सड़क के किनारे मीट, मुर्गा और मछली बेच रहे लोग अपना सामान समेटकर चलते बने। धड़ाधड़ दुकानों के शटर बंद हो गए। जो दुकानें खुली थीं उनके पास नगर निगम का वैध लाइसेंस था। दुकानों के अंदर गंदगी होने, पर्दा न नहीं होने पर अधिकारियों ने दुकानदारों को फटकार लगाई और दो दिन के अंदर काले शीशे और सीसीटीवी कैमरे लगाने के भी निर्देश दिए। सीओ लोहामंडी श्याम कांत ने बताया कि कोई भी अवैध दुकान क्षेत्र में नहीं चलने दी जाएगी।

खेरागढ़ में मांस की अवैध दुकानें सीज
 एसडीएम खेरागढ़ श्यामलता आनंद ने ऊंटगिरि रोड पर चल रही मांस की अवैध दुकानों को बंद कराकर सीज कर दिया। शौकत की दुकान को बंद कराने के बाद खराब मांस को फिंकवा दिया। यह देख अन्य दुकानदार दुकानें बंद कर भाग गए। सैंया में पुलिस ने सुबह 10 बजे अवैध बूचड़खानों और मीट की दुकानों को बंद कराया। मलपुरा के मिढ़ाकुर में अवैध रूप से चल रहे बूचड़खानों को पुलिस ने बंद करा दिया। वहीं, धनौली में बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने बिक्री के लिए जा रहे मांस को लेकर हंगामा कर दिया। अछनेरा में सख्ती देख बड़ी संख्या में लोग लाइसेंस बनवाने के लिए नगरपालिका कार्यालय पहुंच गए। लाइसेंस नवीनीकरण कराने वालों ने भी आवेदन प्रस्तुत किए।


बीहड़ में चार सो गाय छोड़कर भागे गोकश
बाह में बूचड़खाने बंद होने से दो दिन पहले यमुना के बीहड़ में लगभग चार सौ गाय छोड़कर गोकश भाग गए। अब यह गायें किसानों की फसल के लिए मुसीबत बन गई हैं। किसानों ने गायों को गौशाला भिजवाने की मांग करते हुए आंदोलन की धमकी दी है। पिढ़ौरा के विजयगढ़ी, ईश्वरीगढ़ी, रामनरी, बलाई गांव के किसानों ने बताया कि दो दिन पहले गोकश गायें छोड़कर भाग गए थे। जो अब किसानों की फसलों को उजाड़ रही हैं। किसानों ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर गायों को गौशाला में भिजवाने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed