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दिनभर चली सर्द हवाओं ने बढ़ाई गलन
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
Updated Mon, 19 Dec 2016 11:49 PM IST
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अलाव पर हाथ्ा तापते लाोग
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जहां हफ्ते भर से निकल रही धूप से लोगों को सर्दी से राहत मिली वहीं सोमवार को चली सर्द हवाओं ने गलन और बढ़ा दी। धूप तो खिली, लेकिन सर्द हवाएं गलन का अहसास कराती रहीं। ठंड से बचाव के लिए लोग गर्म कपड़ों और अलाव का सहारा लेते दिखे।
सोमवार सुबह से ही सर्द हवाओं के चलने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। उम्मीद की थी कि दोपहर के समय में धूप निकलने के बाद राहत मिलेगी। लेकिन, धूप गलन भरी सर्दी से निजात न दिला सकी। स्थिति यह रही कि सर्द हवाओं से बचाव के लिए लोग गर्म ऊनी कपड़ों से ढंके हुए नजर आए।
सर्दी का असर सेहत पर भी दिखाई दिया। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डा. आरके सागर का कहना है कि नवजात सर्दी की चपेट में सबसे जल्दी आते हैं। उन्हें सीधे खुली हवा में ले जाने से बुखार, पेट दर्द, कान दर्द के साथ सर्दी और सांस लेने में भी दिक्कत होती है। बेहतर है कि नवजात को गर्म कपड़ों में ढककर ऐसे कमरे में रखें जहां ठंडी हवा का अदान-प्रदान न होता हो। किसी भी प्रकार की समस्या होने पर बच्चों को तत्काल चिकित्सक के पास ले जाएं। जरा सी लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है।
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सोमवार सुबह से ही सर्द हवाओं के चलने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। उम्मीद की थी कि दोपहर के समय में धूप निकलने के बाद राहत मिलेगी। लेकिन, धूप गलन भरी सर्दी से निजात न दिला सकी। स्थिति यह रही कि सर्द हवाओं से बचाव के लिए लोग गर्म ऊनी कपड़ों से ढंके हुए नजर आए।
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सर्दी का असर सेहत पर भी दिखाई दिया। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डा. आरके सागर का कहना है कि नवजात सर्दी की चपेट में सबसे जल्दी आते हैं। उन्हें सीधे खुली हवा में ले जाने से बुखार, पेट दर्द, कान दर्द के साथ सर्दी और सांस लेने में भी दिक्कत होती है। बेहतर है कि नवजात को गर्म कपड़ों में ढककर ऐसे कमरे में रखें जहां ठंडी हवा का अदान-प्रदान न होता हो। किसी भी प्रकार की समस्या होने पर बच्चों को तत्काल चिकित्सक के पास ले जाएं। जरा सी लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है।
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