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MP के छिंदवाड़ा अस्पताल में बड़ा हादसा: वार्मर में लगी आग, तीन नवजात झुलसे; इलाज के दौरान एक की मौत
Sat, 22 Aug 2026 09:20 AM IST
छिंदवाड़ा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा
Published by: छिंदवाड़ा ब्यूरो
Updated Sat, 22 Aug 2026 09:20 AM IST
सार
MP News: छिंदवाड़ा जिला अस्पताल के एनआईसीयू में शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात करीब दो बजे वार्मर मशीन में स्पार्किंग के बाद आग लग गई। हादसे में वार्मर में रखे तीन नवजात झुलस गए थे, जिसमें इलाज के बाद एक बच्ची की मौत हो गई है।पढ़ें पूरी खबर...
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छिंदवाड़ा जिला अस्पताल में बड़ा हादसा
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
छिंदवाड़ा जिला अस्पताल के नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (NICU) में शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात करीब दो बजे उस समय हड़कंप मच गया, जब एक वार्मर मशीन में अचानक स्पार्किंग के बाद आग लग गई। हादसे के दौरान वार्मर में रखे तीन नवजात बच्चे इसकी चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गए। जबलपुर में इलाज के दौरान एक बच्चे की मौत हो गई है।
जानकारी के अनुसार, नवजात बच्चों को जन्म के बाद शरीर का तापमान सामान्य बनाए रखने और गहन देखभाल के लिए वार्मर में रखा जाता है। रात में वार्मर की हीटिंग यूनिट के फिलामेंट में अचानक स्पार्किंग हुई, जिसके बाद आग लग गई। आग की चपेट में आने से वार्मर में मौजूद तीनों नवजात गंभीर रूप से झुलस गए थे।
हादसे के बाद मची अफरा-तफरी
हादसे के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। तत्काल चिकित्सकों और अस्पताल स्टाफ ने बच्चों को वार्मर से बाहर निकालकर उपचार शुरू किया। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए तीनों नवजातों को बेहतर उपचार के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। बच्चों को दो डॉक्टरों की निगरानी में जबलपुर भेजा गया।
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ये भी पढ़ें- एमपी में मानसून का 'तांडव': सिवनी-बालाघाट में ऑरेंज अलर्ट, नदियों के उफान से 16 जिलों में बाढ़ का खतरा
एक बच्चे की हालत गंभीर
सिविल सर्जन के अनुसार, तीनों बच्चों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रेफर किया गया है। इनमें से एक बच्चे की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसे सर्जरी की आवश्यकता है। छिंदवाड़ा में पीडियाट्रिक सर्जन उपलब्ध नहीं होने के कारण बच्चे को जबलपुर रेफर करना पड़ा।
अस्पताल प्रबंधन ने शुरू की जांच
हादसे के बाद अस्पताल प्रबंधन ने घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। वार्मर में आग लगने की वजह तकनीकी खराबी और फिलामेंट में हुई स्पार्किंग को बताया जा रहा है।
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जानकारी के अनुसार, नवजात बच्चों को जन्म के बाद शरीर का तापमान सामान्य बनाए रखने और गहन देखभाल के लिए वार्मर में रखा जाता है। रात में वार्मर की हीटिंग यूनिट के फिलामेंट में अचानक स्पार्किंग हुई, जिसके बाद आग लग गई। आग की चपेट में आने से वार्मर में मौजूद तीनों नवजात गंभीर रूप से झुलस गए थे।
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हादसे के बाद मची अफरा-तफरी
हादसे के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। तत्काल चिकित्सकों और अस्पताल स्टाफ ने बच्चों को वार्मर से बाहर निकालकर उपचार शुरू किया। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए तीनों नवजातों को बेहतर उपचार के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। बच्चों को दो डॉक्टरों की निगरानी में जबलपुर भेजा गया।
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एक बच्चे की हालत गंभीर
सिविल सर्जन के अनुसार, तीनों बच्चों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रेफर किया गया है। इनमें से एक बच्चे की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसे सर्जरी की आवश्यकता है। छिंदवाड़ा में पीडियाट्रिक सर्जन उपलब्ध नहीं होने के कारण बच्चे को जबलपुर रेफर करना पड़ा।
अस्पताल प्रबंधन ने शुरू की जांच
हादसे के बाद अस्पताल प्रबंधन ने घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। वार्मर में आग लगने की वजह तकनीकी खराबी और फिलामेंट में हुई स्पार्किंग को बताया जा रहा है।
