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अष्टमी को उमड़ा देवी भक्तों का सैलाब
अमर उजाला ब्ययूराो मैनपुरी
Updated Sun, 09 Oct 2016 11:32 PM IST
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अष्टमी को उमड़ा देवी भक्तों का सैलाब
- फोटो : अमर उजाला
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कस्बों में भी अष्टमी पर महागौरी पूजी गईं। इस दौरान देवी मंदिरों में भक्तों की भीड़ लगी। कई जगह दुर्गा महोत्सव का भी आयोजन किया गया।
कटरा समान तथा किशनी में रामनवमी के अवसर पर मातारानी का प्रसाद वितरित किया गया। गमा देवी मंदिर पर मन्नत पूरी होने पर श्रद्धालुओं ने नेजे चढ़ाए तथा पूरे सप्ताह महाआरती का आयोजन किया। जीतू गुप्ता, डैनी वर्मा, हिमांशु गुप्ता, दीपेंद्र चौहान, प्रशांत शर्मा प्रधान प्रतिनिधि आदि रहे।
करहल में अष्टमी को नगर के मंदिरों में माता महागौरी की पूजा अर्चना बड़े श्रद्धाभाव से की गई। मां महागौरी की पूजा अर्चना के लिए दुर्गा मंदिर देवी रोड, शीतला देवी मंदिर, नृसिंह मंदिर व मुड़िया मंदिर सहित देवी मंदिरों में भक्तों की भीड़ सुबह से उमड़ी। पूजा पंडालों और घरों में भी देवी मां की आराधना हुई। वहीं गांवों में देवी गीतों की धूम रही।
बेवर में रविवार को मां गमा देवी मंदिर, थाने वाली गली, बैंक ऑफ इंडिया के सामने व जूनियर स्कूल के सामने बने लोहिया पार्क में चल रहे दुर्गा महोत्सव में मां के आठवें स्वरूप महागौरी की हवन-पूजन के साथ याचना की गई। थाने वाली गली में आयोजित दुर्गा महोत्सव में आचार्य राहुल पाठक ने कहा कि मां महागौरी सौभाग्य, धन संपदा, नारी सुलभ गुणों की अधिष्ठात्री देवी हैं।
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करहल की मां शीतला देवी की महिमा अपरंपार
शारदीय नवरात्र पर ऐतिहासिक मां शीतला देवी के मंदिर पर भी भक्तों की भारी भीड़ पूजा-अर्चना के लिए उमड़ रही है। शीतला माता की महिमा अपरंपार है। श्रद्धालुओं का मानना है कि माता रानी सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी करती हैं।
मैनपुरी जनपद में शीतला माता के दो ही मंदिर हैं। एक मैनपुरी सदर में जहां हर साल श्रीदेवी मेला लगता है और दूसरा करहल का मां शीतला देवी मंदिर, लेकिन माता का असली मंदिर करहल का ही माना जाता है। जानकारों के अनुसार मैनपुरी के महाराजा तेज सिंह के सपने में माता शीतला देवी की मूर्ति का प्रकटीकरण हुआ था। वह जब प्राकट्य स्थल गांव से मां की मूर्ति को लेकर चले तो उन्हें सपने में यह भी बताया गया कि जहां इस प्रतिमा को रखा गया, वहीं यह प्रतिष्ठापित हो जाएगी। इसी स्थल पर महाराजा के हाथों से मां की मूर्ति रखी गई। बाद में उन्होंने इसे मैनपुरी ले जाने के लिए उठाने की भरसक कोशिश की लेकिन यह उठ नहीं पाई। बाद में महाराजा ने शीतला माता का एक और मंदिर मैनपुरी में स्थापित कराया।
जानकार बताते हैं कि पहले करहल के इसी मां शीतला देवी मंदिर पर नुमाइश लगा करती थी लेकिन यह बात एक सौ साल से भी पुरानी है। यहीं मंदिर स्थल पर स्थित एक बड़े बरी के पेड़ पर मधुमक्खियों का भारी छत्ता लगा था। किंतु मधुमक्खियां किसी को भी काटती या परेशान नहीं करती थीं। वहीं एक बार किसी ने नुमाइश के दौरान उन्हें छेड़ दिया। इससे मधुमक्खियाें ने मेले में आए लोगों को डंक मारना शुरू कर दिया, जिससे वहां भगदड़ मच गई और काफी नुकसान हुआ। इसके बाद से ही यहां नुमाइश लगना बंद हो गई और यह मैनपुरी के मां शीतला देवी मंदिर पर लगाई जाने लगी।
एसआरबी स्कूल में अष्टमी पर हुई पूजा अर्चना
एसआरबी पब्लिक स्कूल में अष्टमी पर दुर्गा की वंदना और अर्चना की गई। इस दौरान विद्यार्थियों को भी मां के विभिन्न स्वरूपों की जानकारी दी गई।
प्रधानाचार्य शशी सक्सेना के नेतृत्व में स्कूल में छात्रों को बजरंगबली के स्वरूपों में सजाया गया है। स्वरूपों की झांकी निकालकर सांस्कृतिक व धार्मिक अनुष्ठान कराया गया। इस दौरान भारत वर्ष पर मां की कृपा हमेशा बनी रहे, ऐसी प्रार्थना भी की गई। समारोह में जैकव, किशनकांत, देवेंद्र श्रीवास्तव, काजल सिसौदिया, पूनम चौहान, रिचा पांडेय, प्रीती शाक्य आदि ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रधानाचार्य ने आभार व्यक्त किया।
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कटरा समान तथा किशनी में रामनवमी के अवसर पर मातारानी का प्रसाद वितरित किया गया। गमा देवी मंदिर पर मन्नत पूरी होने पर श्रद्धालुओं ने नेजे चढ़ाए तथा पूरे सप्ताह महाआरती का आयोजन किया। जीतू गुप्ता, डैनी वर्मा, हिमांशु गुप्ता, दीपेंद्र चौहान, प्रशांत शर्मा प्रधान प्रतिनिधि आदि रहे।
करहल में अष्टमी को नगर के मंदिरों में माता महागौरी की पूजा अर्चना बड़े श्रद्धाभाव से की गई। मां महागौरी की पूजा अर्चना के लिए दुर्गा मंदिर देवी रोड, शीतला देवी मंदिर, नृसिंह मंदिर व मुड़िया मंदिर सहित देवी मंदिरों में भक्तों की भीड़ सुबह से उमड़ी। पूजा पंडालों और घरों में भी देवी मां की आराधना हुई। वहीं गांवों में देवी गीतों की धूम रही।
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बेवर में रविवार को मां गमा देवी मंदिर, थाने वाली गली, बैंक ऑफ इंडिया के सामने व जूनियर स्कूल के सामने बने लोहिया पार्क में चल रहे दुर्गा महोत्सव में मां के आठवें स्वरूप महागौरी की हवन-पूजन के साथ याचना की गई। थाने वाली गली में आयोजित दुर्गा महोत्सव में आचार्य राहुल पाठक ने कहा कि मां महागौरी सौभाग्य, धन संपदा, नारी सुलभ गुणों की अधिष्ठात्री देवी हैं।
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करहल की मां शीतला देवी की महिमा अपरंपार
शारदीय नवरात्र पर ऐतिहासिक मां शीतला देवी के मंदिर पर भी भक्तों की भारी भीड़ पूजा-अर्चना के लिए उमड़ रही है। शीतला माता की महिमा अपरंपार है। श्रद्धालुओं का मानना है कि माता रानी सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी करती हैं।
मैनपुरी जनपद में शीतला माता के दो ही मंदिर हैं। एक मैनपुरी सदर में जहां हर साल श्रीदेवी मेला लगता है और दूसरा करहल का मां शीतला देवी मंदिर, लेकिन माता का असली मंदिर करहल का ही माना जाता है। जानकारों के अनुसार मैनपुरी के महाराजा तेज सिंह के सपने में माता शीतला देवी की मूर्ति का प्रकटीकरण हुआ था। वह जब प्राकट्य स्थल गांव से मां की मूर्ति को लेकर चले तो उन्हें सपने में यह भी बताया गया कि जहां इस प्रतिमा को रखा गया, वहीं यह प्रतिष्ठापित हो जाएगी। इसी स्थल पर महाराजा के हाथों से मां की मूर्ति रखी गई। बाद में उन्होंने इसे मैनपुरी ले जाने के लिए उठाने की भरसक कोशिश की लेकिन यह उठ नहीं पाई। बाद में महाराजा ने शीतला माता का एक और मंदिर मैनपुरी में स्थापित कराया।
जानकार बताते हैं कि पहले करहल के इसी मां शीतला देवी मंदिर पर नुमाइश लगा करती थी लेकिन यह बात एक सौ साल से भी पुरानी है। यहीं मंदिर स्थल पर स्थित एक बड़े बरी के पेड़ पर मधुमक्खियों का भारी छत्ता लगा था। किंतु मधुमक्खियां किसी को भी काटती या परेशान नहीं करती थीं। वहीं एक बार किसी ने नुमाइश के दौरान उन्हें छेड़ दिया। इससे मधुमक्खियाें ने मेले में आए लोगों को डंक मारना शुरू कर दिया, जिससे वहां भगदड़ मच गई और काफी नुकसान हुआ। इसके बाद से ही यहां नुमाइश लगना बंद हो गई और यह मैनपुरी के मां शीतला देवी मंदिर पर लगाई जाने लगी।
एसआरबी स्कूल में अष्टमी पर हुई पूजा अर्चना
एसआरबी पब्लिक स्कूल में अष्टमी पर दुर्गा की वंदना और अर्चना की गई। इस दौरान विद्यार्थियों को भी मां के विभिन्न स्वरूपों की जानकारी दी गई।
प्रधानाचार्य शशी सक्सेना के नेतृत्व में स्कूल में छात्रों को बजरंगबली के स्वरूपों में सजाया गया है। स्वरूपों की झांकी निकालकर सांस्कृतिक व धार्मिक अनुष्ठान कराया गया। इस दौरान भारत वर्ष पर मां की कृपा हमेशा बनी रहे, ऐसी प्रार्थना भी की गई। समारोह में जैकव, किशनकांत, देवेंद्र श्रीवास्तव, काजल सिसौदिया, पूनम चौहान, रिचा पांडेय, प्रीती शाक्य आदि ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रधानाचार्य ने आभार व्यक्त किया।