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दो सगे भाइयों को आजीवन कारावास की सजा
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
Updated Wed, 31 Aug 2016 11:19 PM IST
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अपर जिला जज प्रथम गुरुप्रीत सिंह बाबा ने 12 साल पहले युवक की गला घोंटकर हत्या करने के आरोपी दो भाइयों को बुधवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों को 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी अदा करना होगा। अर्थदंड की धनराशि में से 80 हजार रुपये पीड़ित परिवार को दिए जाएंगे।
फीरोजाबाद के थाना सिरसागंज के भोगपुर निवासी नीरज गुप्ता 29 अगस्त 2004 को कस्बा घिरोर में बाजार करने आए थे। लौटते समय गांव के ही कालीचरन, संतोष ने उसको घेर लिया। मारपीट करने के बाद उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी थी। जानकारी होने पर मृतक के भाई सुरेशचंद्र ने दोनों के विरुद्ध हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने विवेचना में दोनों को दोषी पाकर उनके खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट पेश कर दी। मामले की सुनवाई अपर जिला जज प्रथम कोर्ट में की गई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक, गवाहों ने घटना के समर्थन में कोर्ट में गवाही दी। सुनवाई के बाद जज गुरुप्रीत सिंह बाबा ने दोनोें को हत्या करने का दोषी पाया। सहायक शासकीय अधिवक्ता अनूप कुमार यादव ने दोनों के अपराध को देखते हुए कड़ी सजा देने की दलील दी। अपर जिला जज ने दोनों भाइयों को आजीवन कारावास तथा 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की धनराशि में से 50 हजार रुपये पीड़ित परिवार को दिए जाएंगे। निर्णय सुनाए जाने के बाद आरोपियों को हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
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फीरोजाबाद के थाना सिरसागंज के भोगपुर निवासी नीरज गुप्ता 29 अगस्त 2004 को कस्बा घिरोर में बाजार करने आए थे। लौटते समय गांव के ही कालीचरन, संतोष ने उसको घेर लिया। मारपीट करने के बाद उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी थी। जानकारी होने पर मृतक के भाई सुरेशचंद्र ने दोनों के विरुद्ध हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने विवेचना में दोनों को दोषी पाकर उनके खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट पेश कर दी। मामले की सुनवाई अपर जिला जज प्रथम कोर्ट में की गई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक, गवाहों ने घटना के समर्थन में कोर्ट में गवाही दी। सुनवाई के बाद जज गुरुप्रीत सिंह बाबा ने दोनोें को हत्या करने का दोषी पाया। सहायक शासकीय अधिवक्ता अनूप कुमार यादव ने दोनों के अपराध को देखते हुए कड़ी सजा देने की दलील दी। अपर जिला जज ने दोनों भाइयों को आजीवन कारावास तथा 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की धनराशि में से 50 हजार रुपये पीड़ित परिवार को दिए जाएंगे। निर्णय सुनाए जाने के बाद आरोपियों को हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
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