फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mainpuri News ›   Three brothers murder was life imprisonment

हत्यारोपी तीन भाइयों को हुई उम्रकैद

Tue, 30 Aug 2016 11:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी Updated Tue, 30 Aug 2016 11:38 PM IST
विज्ञापन
Three brothers murder was life imprisonment
कोर्ट - फोटो : अमर उजाला
अपर जिला जज पंचम कोर्ट ने मंगलवार को हत्यारोपी तीन भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपियों को 30-30 हजार रुपया जुर्माना भी अदा करना होगा। जुर्माना अदा नहीं करने पर दो-दो साल की अतिरिक्त सजा भी भुगतनी पड़ेगी। हत्यारोपियों को निर्णय सुनाए जाने के बाद हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
विज्ञापन


थाना कुरावली क्षेत्र में 13 साल पहले हुई युवक की हत्या के मामले में 12 साल तक चले मुकदमे में मंगलवार को सजा सुनाई गई। अदालत का निर्णय सुनने के लिए सुबह ही मृतक के परिवारीजन तथा आरोपी भी परिवारीजनों के साथ अदालत में आए थे। जिला शासकीय अधिवक्ता सुभाषचंद्र यादव तथा सहायक शासकीय अधिवक्ता रोहित शुक्ला की दलीलों के बाद अपर जिला जज बच्चू सिंह ने जैसे ही आरोपियों को सजा सुनाई वैसे ही कठघरे में खड़े तीनों हत्यारोपी तथा उनके परिवार के लोग भौचक्के रह गए।
विज्ञापन


कब्जे का विरोध करने पर हुई थी हत्या
मैनपुरी। थाना कुरावली क्षेत्र के बीकापुर निवासी प्यारेलाल के खेत पर चार नवंबर 2003 की दोपहर एक बजे परिवार के ही मोहब्बत सिंह, संतोष, चंद्रकुमार ने कब्जा करने की कोशिश की। मौके पर मौजूद प्यारेलाल के पुत्र चोखेलाल तथा अजयपाल के विरोध करने पर आरोपियों ने अजयपाल की गोली मारकर हत्या कर दी। चोखेलाल ने उसी दिन रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने जांच में तीनों को हत्या करने का दोषी पाया। विवेचना अधिकारी ने आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। बाद में आरोपियों की कोर्ट से जमानत हो गई। मामले की सुनवाई अपर जिला जज पंचम बच्चू सिंह की कोर्ट में हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन


ग्रामीणों ने दबोचे थे हत्यारोपी
मैनपुरी। अजयपाल की हत्या कर भाग रहे तीन भाइयों में से दो को ग्रामीणों ने घेरकर दबोच लिया था। उनके कब्जे से एक तमंचा भी बरामद किया गया था। ग्रामीणों ने दबोचे गए हत्यारोपी मोहब्बत सिंह, संतोष को गांव पहुंची पुलिस को सौंपा था। तमंचा बरामद होने पर उनके खिलाफ तमंचा रखने केे आरोप में भी सुनवाई की गई। तमंचा रखने के अपराध में आरोपियों को तीन साल और 10 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई है।


आरोप से बचने को बनाया था क्रास केस
मैनपुरी। अजयपाल की हत्या के बाद मोहब्बत सिंह ने मृतक के भाई चोखेलाल सहित परिवार के ही हुब्बलाल तथा मोहरमन के खिलाफ मारपीट कर हड्डी तोड़ देने की रिपोर्ट लिखाई थी। पुलिस ने घटना झूठी पाकर फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। बाद में इस मामले की भी शिकायती परिवाद के रूप में सुनवाई की गई। सुनवाई के दौरान मामला झूठा पाकर अपर जिला जज ने आरोपियों को दोषमुक्त घोषित कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed