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शाहजहांपुर जेल में बनी थी बैंक डकैती की योजना
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
Updated Sun, 23 Oct 2016 10:52 PM IST
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बैंक डकैती का एक आरोपी सहारनपुर से पकड़ा
- फोटो : अमर उजाला
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जिले में केनरा बैंक में चार अप्रैल को डाली गई डकैती की योजना शाहजहांपुर की जेल में बनी थी। वारदात में थाना कोतवाली के एक गांव निवासी बदमाश के साथ छह लोग शामिल थे। इनमें एटा और बुलंदशहर के बदमाश भी शामिल थे। यह खुलासा सहारनपुर में पकड़े गए बदमाश से पूछताछ के बाद हुआ है। बताते हैं कि उक्त बदमाश को मैनपुरी पुलिस ने पकड़ने का दावा किया था, जबकि उसे सहारनपुर पुलिस ने पकड़ा है।
चार अप्रैल को कचहरी रोड स्थित केनरा बैंक में 19 लाख रुपये की डकैती पड़ी थी। कुछ दिनों पहले इसी तर्ज पर एटा और उसके बाद सहारनपुर में बैकों में डैकती पड़ी थी। मामले में पुलिस ने कई बदमाशों को पकड़ा था। पूछताछ के दौरान उन्होंने मैनपुरी में हुई बैंक डकैती के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। सहारनपुर में पकड़े गए बदमाश रविंद्र सिंह उर्फ छग्गा निवासी गांव सियूरा थाना कटरा जिला शाहजहांपुर ने बताया कि जेल में उसकी मुलाकात राजू राघव निवासी गांव राजगढ़ थाना डिबाई जिला बुलंदशहर और सोनू ठाकुर निवासी दानगढ़ थाना डिबाई जिला बुलंदशहर से हुई थी। वहीं पर मैनपुरी में बैंक डकैती की योजना बनाई गई थी। जेल से बाहर आने के बाद तीनों ने योजना को अंजाम देने की ठानी थी। इसके बाद गैंग में राजगगन निवासी डेयरी जैथरा एटा, जीतू ठाकुर निवासी थाना जैथरा एटा, भरत सिंह निवासी मैनपुरी और राजू राघव निवासी राजगढ़ थाना डिबाई जिला बुलंदशहर को शामिल किया गया। जेल में प्लान बनाने के बाद बैंक की रैकी राजगगन और राजू ने की। इसके बाद बुलंदशहर से इनोवा गाड़ी में राजू, सोनू, पर रविंद्र मैनपुरी के लिए चले गए। उधर, एटा में जीतू ठाकुर, भरत सिंह उन्हें मिले। इसके बाद वे वहां से तीन बाइकों और इनोवा गाड़ी से ईशन नदी पुल पर पहुंचे थे।
रविंद्र ने बताया कि जीतू इनोवा गाड़ी में ईशन नदी पुल के पास ही खड़ा रहा। वहीं शेष अन्य तीन बाइकों से बैंक में पहुंचे। सभी ने अपनी बाइक राधारमण रोड पर खड़ी की थीं। वारदात के बाद सभी कैश समेत बाइकों के पास पहुंचे। वहां से सीधे ईशन नदी पुल पर पहुंचे। वहां पर इनोवा में बैठे जीतू को कैश और सभी हथियार दे दिए। बाद में जीतू कैश लेकर गाड़ी से और यह सभी लोग बाइकों से लिंक रोड का प्रयोग करते हुए एटा पहुंच गए। पूछताछ में रविंद्र ने बताया कि जीतू डीबीआर का मास्टर है। उसी ने बैंक में रखी डीबीआर निकाली थी। उसने बताया कि डीबीआर निकालने के बाद वह लोग उसे तोड़कर जला देते थे ताकि किसी के भी हाथ वह न पड़े।
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304बी में बंद था जेल में
मैनपुरी। शाहजहांपुर में जब जेल में योजना बनी उस समय वह अपनी बीवी की दहेज हत्या के आरोप में वह जेल में था। वहीं उसकी मुलाकात अन्य लोगों से हुई थी।
कोट---
कोतवाली प्रभारी ने बताया कि मैनपुरी केनरा बैंक डकैती के मामले में सहारनपुर में जाकर बदमाश से पूछताछ करने पर कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलीं हैं। उनके आधार पर संबंधित बदमाशों की खोज की जा रही है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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चार अप्रैल को कचहरी रोड स्थित केनरा बैंक में 19 लाख रुपये की डकैती पड़ी थी। कुछ दिनों पहले इसी तर्ज पर एटा और उसके बाद सहारनपुर में बैकों में डैकती पड़ी थी। मामले में पुलिस ने कई बदमाशों को पकड़ा था। पूछताछ के दौरान उन्होंने मैनपुरी में हुई बैंक डकैती के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। सहारनपुर में पकड़े गए बदमाश रविंद्र सिंह उर्फ छग्गा निवासी गांव सियूरा थाना कटरा जिला शाहजहांपुर ने बताया कि जेल में उसकी मुलाकात राजू राघव निवासी गांव राजगढ़ थाना डिबाई जिला बुलंदशहर और सोनू ठाकुर निवासी दानगढ़ थाना डिबाई जिला बुलंदशहर से हुई थी। वहीं पर मैनपुरी में बैंक डकैती की योजना बनाई गई थी। जेल से बाहर आने के बाद तीनों ने योजना को अंजाम देने की ठानी थी। इसके बाद गैंग में राजगगन निवासी डेयरी जैथरा एटा, जीतू ठाकुर निवासी थाना जैथरा एटा, भरत सिंह निवासी मैनपुरी और राजू राघव निवासी राजगढ़ थाना डिबाई जिला बुलंदशहर को शामिल किया गया। जेल में प्लान बनाने के बाद बैंक की रैकी राजगगन और राजू ने की। इसके बाद बुलंदशहर से इनोवा गाड़ी में राजू, सोनू, पर रविंद्र मैनपुरी के लिए चले गए। उधर, एटा में जीतू ठाकुर, भरत सिंह उन्हें मिले। इसके बाद वे वहां से तीन बाइकों और इनोवा गाड़ी से ईशन नदी पुल पर पहुंचे थे।
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रविंद्र ने बताया कि जीतू इनोवा गाड़ी में ईशन नदी पुल के पास ही खड़ा रहा। वहीं शेष अन्य तीन बाइकों से बैंक में पहुंचे। सभी ने अपनी बाइक राधारमण रोड पर खड़ी की थीं। वारदात के बाद सभी कैश समेत बाइकों के पास पहुंचे। वहां से सीधे ईशन नदी पुल पर पहुंचे। वहां पर इनोवा में बैठे जीतू को कैश और सभी हथियार दे दिए। बाद में जीतू कैश लेकर गाड़ी से और यह सभी लोग बाइकों से लिंक रोड का प्रयोग करते हुए एटा पहुंच गए। पूछताछ में रविंद्र ने बताया कि जीतू डीबीआर का मास्टर है। उसी ने बैंक में रखी डीबीआर निकाली थी। उसने बताया कि डीबीआर निकालने के बाद वह लोग उसे तोड़कर जला देते थे ताकि किसी के भी हाथ वह न पड़े।
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304बी में बंद था जेल में
मैनपुरी। शाहजहांपुर में जब जेल में योजना बनी उस समय वह अपनी बीवी की दहेज हत्या के आरोप में वह जेल में था। वहीं उसकी मुलाकात अन्य लोगों से हुई थी।
कोट---
कोतवाली प्रभारी ने बताया कि मैनपुरी केनरा बैंक डकैती के मामले में सहारनपुर में जाकर बदमाश से पूछताछ करने पर कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलीं हैं। उनके आधार पर संबंधित बदमाशों की खोज की जा रही है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।