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फर्जी लोन: डीपीआरओ ने 13 हस्ताक्षर बताए फर्जी
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
Updated Wed, 02 Nov 2016 11:04 PM IST
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डीपीआरओ आफिस के ग्रामीण सफाई कर्मचारियों के लोन के मामले में अब नया पेच फंस गया है। 23 सफाईकर्मियों के लोन के बाद डीपीआरओ ने 13 फाइलों पर किए गए हस्ताक्षर फर्जी बताए हैं। इन सफाईकर्मियों को डीपीआरओ ने नोटिस जारी किए हैं। लोन में फर्जीवाड़ा सामने आने से हड़कंप मचा हुआ है।
डीपीआरओ कार्यालय में तैनात 23 ग्रामीण सफाईकर्मियों को ग्रामीण बैंक आफ आर्यावर्त शाखा करहल रोड ने तीन-तीन लाख का लोन वितरित कर दिया है। इनमें से विकास खंड घिरोर में तैनात सफाईकर्मी धर्मेंद्र सिंह, इतवारीलाल, सतेंद्र सिंह, विकास खंड बरनाहल के रंजीत कुमार, रुबी, राजेश डेबिड, अमृत, राजेश कुुमार, मुकेश कुमार, विकास खंड मैनपुरी के पप्पू, ममता, विकास खंड सुल्तानगंज के अवधेश, सीमा के लोन आवेदनों पर डीपीआरओ ने अपने हस्ताक्षर फर्जी बताए हैं। जिनमें से तीन पर काउंटर साइन भी किए हैं।
बैंक सूत्रों की मानें तो बैंक की जांच के बाद ही डीपीआरओ ने लिखापढ़ी शुरू कर दी है। डीपीआरओ नरेश चंद्र ने अपने हस्ताक्षर फर्जी बताए हैं। जबकि सभी आवेदनों पर एक जैसे ही हस्ताक्षर हैं। वहीं डीपीआरओ के पास वित्तीय अधिकार नहीं होने के कारण उनको लोन आवेदन पर संस्तुति करने का अधिकार ही नहीं है। एडीओ पंचायत के पद पर कार्यरत नरेशचंद्र के पास प्रभारी डीपीआरओ का चार्ज है। बैंक के शाखा प्रबंधक आरके तिवारी का कहना है कि मामले की बारीकी से जांच की जा रही है। डीपीआरओ का कहना है कि लोन आवेदन पर फर्जी हस्ताक्षर किए जाने की विभागीय जांच कराई जा रही है।
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डीपीआरओ कार्यालय में तैनात 23 ग्रामीण सफाईकर्मियों को ग्रामीण बैंक आफ आर्यावर्त शाखा करहल रोड ने तीन-तीन लाख का लोन वितरित कर दिया है। इनमें से विकास खंड घिरोर में तैनात सफाईकर्मी धर्मेंद्र सिंह, इतवारीलाल, सतेंद्र सिंह, विकास खंड बरनाहल के रंजीत कुमार, रुबी, राजेश डेबिड, अमृत, राजेश कुुमार, मुकेश कुमार, विकास खंड मैनपुरी के पप्पू, ममता, विकास खंड सुल्तानगंज के अवधेश, सीमा के लोन आवेदनों पर डीपीआरओ ने अपने हस्ताक्षर फर्जी बताए हैं। जिनमें से तीन पर काउंटर साइन भी किए हैं।
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बैंक सूत्रों की मानें तो बैंक की जांच के बाद ही डीपीआरओ ने लिखापढ़ी शुरू कर दी है। डीपीआरओ नरेश चंद्र ने अपने हस्ताक्षर फर्जी बताए हैं। जबकि सभी आवेदनों पर एक जैसे ही हस्ताक्षर हैं। वहीं डीपीआरओ के पास वित्तीय अधिकार नहीं होने के कारण उनको लोन आवेदन पर संस्तुति करने का अधिकार ही नहीं है। एडीओ पंचायत के पद पर कार्यरत नरेशचंद्र के पास प्रभारी डीपीआरओ का चार्ज है। बैंक के शाखा प्रबंधक आरके तिवारी का कहना है कि मामले की बारीकी से जांच की जा रही है। डीपीआरओ का कहना है कि लोन आवेदन पर फर्जी हस्ताक्षर किए जाने की विभागीय जांच कराई जा रही है।
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