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पत्नी की जलाकर हत्या करने में पति को दस साल की सजा
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
Updated Fri, 28 Apr 2017 11:24 PM IST
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कोर्ट
- फोटो : Pintrest
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दहेज में कार की मांग पूरी नहीं होने पर पति को एफटीसी जज ने दोषी पाया है। उसको 10 साल की सजा सुनाने के साथ ही दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना नहीं देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भी भुगतनी पड़ेगी।
जिला फिरोजाबाद के अरांव निवासी राजेंद्र शर्मा ने पुत्री सिंकी की शादी छह फरवरी 2010 को मनोज दुबे निवासी सिमरऊ थाना करहल के साथ की थी। शादी के बाद दहेज में कार की मांग को लेकर पति मनोज, ससुर शिवराम, ननद दीपिका ने रिंकी का उत्पीड़न शुरू कर दिया। 20 फरवरी 2011 को रिंकी की जलाकर हत्या कर दी गई। राजेंद्र के भांजे गिरिजेश तिवारी की सूचना पर सिमरऊ पहुंचे राजेंद्र ने दहेज हत्या की रिपोर्ट पति, ससुर, ननद के खिलाफ दर्ज करा दी। पुलिस ने जांच में तीनों को दोषी पाकर चार्जशीट कोर्ट में भेज दी।
मामले की सुनवाई एफटीसी प्रथम आनंद कुमार की कोर्ट में हुई। अभियेाजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने घटना के समर्थन में कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर पति मनोज को दहेज की खातिर रिंकी का उत्पीड़न तथा जलाकर हत्या करने का दोषी पाया गया। सहायक शासकीय अधिवक्ता अशोक कुमार पंकज ने आरोपी के अपराध को देखते हुए कड़ी सजा देने की दलील दी। एफटीसी जज ने मनोज को दहेज हत्या में 10 साल, दहेज उत्पीड़न में तीन साल और दो हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं देने पर उसको छह महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
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दहेज हत्या में ससुर शिवराम, ननद दीपिका को सुनवाई के दौरान आरोप सिद्ध नहीं होने पर बरी कर दिया गया है। पुलिस ने उनके खिलाफ चार्जशीट दी थी। गवाही में उनके खिलाफ दहेज हत्या का आरोप साबित नहीं हो सका।
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जिला फिरोजाबाद के अरांव निवासी राजेंद्र शर्मा ने पुत्री सिंकी की शादी छह फरवरी 2010 को मनोज दुबे निवासी सिमरऊ थाना करहल के साथ की थी। शादी के बाद दहेज में कार की मांग को लेकर पति मनोज, ससुर शिवराम, ननद दीपिका ने रिंकी का उत्पीड़न शुरू कर दिया। 20 फरवरी 2011 को रिंकी की जलाकर हत्या कर दी गई। राजेंद्र के भांजे गिरिजेश तिवारी की सूचना पर सिमरऊ पहुंचे राजेंद्र ने दहेज हत्या की रिपोर्ट पति, ससुर, ननद के खिलाफ दर्ज करा दी। पुलिस ने जांच में तीनों को दोषी पाकर चार्जशीट कोर्ट में भेज दी।
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मामले की सुनवाई एफटीसी प्रथम आनंद कुमार की कोर्ट में हुई। अभियेाजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने घटना के समर्थन में कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर पति मनोज को दहेज की खातिर रिंकी का उत्पीड़न तथा जलाकर हत्या करने का दोषी पाया गया। सहायक शासकीय अधिवक्ता अशोक कुमार पंकज ने आरोपी के अपराध को देखते हुए कड़ी सजा देने की दलील दी। एफटीसी जज ने मनोज को दहेज हत्या में 10 साल, दहेज उत्पीड़न में तीन साल और दो हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं देने पर उसको छह महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
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दहेज हत्या में ससुर शिवराम, ननद दीपिका को सुनवाई के दौरान आरोप सिद्ध नहीं होने पर बरी कर दिया गया है। पुलिस ने उनके खिलाफ चार्जशीट दी थी। गवाही में उनके खिलाफ दहेज हत्या का आरोप साबित नहीं हो सका।