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धोखाधड़ी में फंसे बैंक प्रबंधक, केस दर्ज
amar ujala
Updated Sun, 21 May 2017 11:22 PM IST
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बैंक आफ आर्यावर्त के स्थानीय शाखा प्रबंधक के खिलाफ रविवार को पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। उनके ऊपर लोन दिलाने के नाम पर हेराफेरी करने का आरोप है। डीएम ने मामले में एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे।
थाना क्षेत्र के गांव अचलपुर निवासी भोले शंकर मिश्र ने बताया कि उसने ग्रामीण बैंक आफ आर्यावर्त से प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत पेडी उद्योग के लिए ऋण का आवेदन किया था। जून 2016 को सात लाख रुपये का ऋण मंजूर हो गया, तो बैंक प्रबंधक अखिलेश त्रिपाठी ने तीन किस्तों में 15-15 और 20 हजार के चेक सहित कुल 50 हजार रुपये उसे दिए। इसके बाद उन्होंने प्रबंधक ने उसे फोन कर स्टांप के साथ घर बुलाया। जहां गारंटर के तौर पर सादे स्टांप पर पिता के हस्ताक्षर कराए गए। बाद में पता चला कि बैंक प्रबंधक ने उसके पिता के नाम घरेलू कार्य के लिए एक लाख रुपये की पत्रावली बनाकर 75 हजार का भुगतान कर दिया है। पूछने पर कहा कि पशु आहार के लिए किसान क्रेडिट की लोन दी है। उसने डीएम से शिकायत की। जिलाधिकारी द्वारा कराई गई जांच में प्रथम दृष्टयता बैंक प्रबंधक को दोषी पाया गया। जिलाधिकारी के आधेश पर पुलिस ने बैंक प्रबंधक के खिलाफ केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
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थाना क्षेत्र के गांव अचलपुर निवासी भोले शंकर मिश्र ने बताया कि उसने ग्रामीण बैंक आफ आर्यावर्त से प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत पेडी उद्योग के लिए ऋण का आवेदन किया था। जून 2016 को सात लाख रुपये का ऋण मंजूर हो गया, तो बैंक प्रबंधक अखिलेश त्रिपाठी ने तीन किस्तों में 15-15 और 20 हजार के चेक सहित कुल 50 हजार रुपये उसे दिए। इसके बाद उन्होंने प्रबंधक ने उसे फोन कर स्टांप के साथ घर बुलाया। जहां गारंटर के तौर पर सादे स्टांप पर पिता के हस्ताक्षर कराए गए। बाद में पता चला कि बैंक प्रबंधक ने उसके पिता के नाम घरेलू कार्य के लिए एक लाख रुपये की पत्रावली बनाकर 75 हजार का भुगतान कर दिया है। पूछने पर कहा कि पशु आहार के लिए किसान क्रेडिट की लोन दी है। उसने डीएम से शिकायत की। जिलाधिकारी द्वारा कराई गई जांच में प्रथम दृष्टयता बैंक प्रबंधक को दोषी पाया गया। जिलाधिकारी के आधेश पर पुलिस ने बैंक प्रबंधक के खिलाफ केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
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