फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mainpuri News ›   court sentenced murderer husband, devar and mother-in-law of married woman to life imprisonment in Mainpuri

UP News: विवाहिता की हत्यारे पति, देवर और सास को आजीवन कारावास, कोर्ट ने 25-25 हजार का जुर्माना भी लगाया

Sat, 21 Sep 2024 09:13 PM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Sat, 21 Sep 2024 09:13 PM IST
सार

मैनपुरी में विवाहिता की हत्यारे पति, देवर और सास को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। कोर्ट ने 25-25 हजार का जुर्माना भी लगाया है। 

विज्ञापन
court sentenced murderer husband, devar and mother-in-law of married woman to life imprisonment in Mainpuri
कोर्ट फैसला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में 26 साल पहले महिला की दहेज के लिए हत्या कर दी गई थी। मुकदमे में एफटीसी प्रथम के जज कुलदीप सिंह ने पति, सास, देवर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उन पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा सुनाने के बाद तीनों को जेल भेजा गया है।

विज्ञापन


घटना थाना कोतवाली क्षेत्र के गांव बैजनाथपुर की थी। गांव के रहने वाले मनोज कुमार की शादी शकुंतला के साथ हुई थी। शकुंतला के पिता बनवारीलाल के अनुसार पति मनोज, सास रेशमा, ससुर दलवीर सिंह, देवर संजू, ननद मंजू ने 18 जुलाई 1998 को शकुंतला को दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर हत्या करने के बाद शव को जला दिया। पुलिस ने जांच में ननद मंजू का नाम निकाल दिया। पति, देवर, सास, ससुर के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई एफटीसी प्रथम के जज कुलदीप सिंह के न्यायालय में हुई।
विज्ञापन


मुकदमे की सुनवाई के दौरान ससुर दलवीर सिंह की मृत्यु हो गई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने पति, सास और देवर केे खिलाफ कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर उनको दहेज मृत्यु का दोषी पाया गया। एफटीसी प्रथम के जज कुलदीप सिंह ने पति, सास, देवर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उन पर 25-25हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा सुनाने के बाद तीनों को जेल भेजा गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

सबूत मिटाने में तीन साल की सजा

शकुंतला की शादी 17 जून 1997 को हुई थी। एक साल बाद 18 जुलाई 1998 को उसको मारने के बाद शव को जला दिया गया। शव जलाकर सबूत मिटाने के आरोप में मनोज, संजू और रेशमा को तीन तीन साल की सजा एफटीसी प्रथम के जज कुलदीप सिंह ने सुनाई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed