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UP News: तीन लोगों को गोलियों से भूनने वाले दोषी को फांसी की सजा, कोर्ट को कर रहा था भ्रमित; निकली यह हकीकत

Tue, 17 Sep 2024 07:06 PM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Tue, 17 Sep 2024 07:06 PM IST
सार

मैनपुरी में तीन लोगों को गोलियों से भूनने वाले दोषी को फांसी की सजा सुनाई गई। यह कोर्ट को भी भ्रमित कर रहा था। हकीकत सामने आने के बाद अब कोर्ट ने सजा सुनाई है। 

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court sentenced culprit  to death in Mainpuri who shot and killed three people
कोर्ट का फैसला - फोटो : ANI

विस्तार

उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में 12 साल पहले दंपती की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। मंगलवार को मामले में सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद कोर्ट ने सुनील यादव निवासी खुशालपुर, थाना जसवंतनगर, जिला इटावा को दोषी पाया। एफटीसी द्वितीय के जज भूलेराम ने दोषी सुनील को फांसी की सजा सुनाई। इसने खुद को नाबालिग बताकर कोर्ट को भ्रमित करने की भी कोशिश की थी।

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घटना करहल थाना क्षेत्र के जलालपुर गांव की थी। यहां एक अक्तूबर 2012 की रात 9 बजे मनीष यादव ने अपने रिश्तेदारों सुनील और कल्लू की मदद से अपने पिता सुखराम, सौतेली मां सुषमा, सौतेले भाई अभिषेक की हत्या कर दी थी। सुखराम के भाई अवध सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच करके सुनील को दोषी पाकर चार्जशीट कोर्ट में भेजी थी।

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मुकदमे की सुनवाई एफटीसी द्वितीय जज भूलेराम की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर सुनील को तीनों की हत्या करने का दोषी पाया गया। एफटीसी द्वितीय जज भूलेराम ने सुनील को फांसी की सजा सुनाई। साथ ही एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। सजा सुनाने के बाद उसको जेल भेज दिया गया है।
 

किशोर न्यायालय ने माना था बालिग

घटना के बाद जेल भेजे गए सुनील ने खुद को नाबालिग बताया था। इसके बाद मुकदमा किशोर न्याय बोर्ड में चला। बोर्ड ने सुनवाई के बाद अभिलेखों के आधार पर घटना के समय सुनील को बालिग माना था। इसके बाद मुकदमा सत्र न्यायालय में स्थानांतरित किया गया था। जिला जज ने इस मामले को एफटीसी द्वितीय के न्यायालय में सुनवाई के लिए स्थानांतरित किया था। वहीं इस मामले की सुनवाई चल रही थी।
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