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बुराई के प्रतीक कंस के पुतले का किया दहन
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
Updated Tue, 14 Mar 2017 11:26 PM IST
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बुराई के प्रतीक कंस के पुतले का किया दहन
- फोटो : अमर उजाला
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पुरानी मैनपुरी स्थित कंस के मैदान में परंपरागत होली मेले में जिले भर से आए लोग एक-दूसरे के गले मिले और होली की शुभकामनाएं दीं। मेले के अंत में बुराई के प्रतीक कंस के पुतले का दहन किया गया। खाने-पीने की दुकानें और बच्चों के खेल-खिलौने मेले में आकर्षण के केंद्र रहे।
मंगलवार की शाम कंस के मैदान में आयोजित मेले में लोगों के आने का क्रम अपराह्न तीन बजे से ही शुरू हो गया। जहां मेले में बच्चों के लिए खेल खिलौने, चाट पकौड़ी की दुकानें आकर्षण का केंद्र बनी हुई थीं। इस मौके पर जिले भर से आए सैकड़ों संभ्रांत नागरिकों, राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक संस्थाओं के कार्यकर्ताओं ने एक दूसरे को गले लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। मेले में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी नजर आए।
पुरानी परंपरा के अनुसार मेले में कंस का एक विशाल पुतला स्थापित किया गया, जिसमें पटाखे और अन्य आतिशबाजी भरी थी। मेले के समापन पर पुतले में आग लगाकर बुराई के प्रतीक का दहन कर दिया गया। मेले में खेल खिलौने की दुकानों और खाने पीने के स्टॉलों पर अच्छी खासी भीड़ देखी गई।
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मंगलवार की शाम कंस के मैदान में आयोजित मेले में लोगों के आने का क्रम अपराह्न तीन बजे से ही शुरू हो गया। जहां मेले में बच्चों के लिए खेल खिलौने, चाट पकौड़ी की दुकानें आकर्षण का केंद्र बनी हुई थीं। इस मौके पर जिले भर से आए सैकड़ों संभ्रांत नागरिकों, राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक संस्थाओं के कार्यकर्ताओं ने एक दूसरे को गले लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। मेले में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी नजर आए।
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पुरानी परंपरा के अनुसार मेले में कंस का एक विशाल पुतला स्थापित किया गया, जिसमें पटाखे और अन्य आतिशबाजी भरी थी। मेले के समापन पर पुतले में आग लगाकर बुराई के प्रतीक का दहन कर दिया गया। मेले में खेल खिलौने की दुकानों और खाने पीने के स्टॉलों पर अच्छी खासी भीड़ देखी गई।
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