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बंद रहीं दवा की दुकानें, परेशान रहे मरीज, तीमारदार

Tue, 30 May 2017 11:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी।
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी। Updated Tue, 30 May 2017 11:47 PM IST
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Closed drug shops, troubled patients, tired
बंद रहीं दवा की दुकानें, परेशान रहे मरीज, तीमारदार - फोटो : अमर उजाला
केमिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन की अपील पर बुधवार को जिले भर में दवा की लगभग 300 दुकानें बंद रहीं। इससे करीब 15-20 लाख रुपये का व्यापार प्रभावित हुआ। इसके चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि फार्मासिस्ट एसोसिएशन से संबंधित लोगों ने इस बंद का विरोध करते हुए अपनी दुकानें खोलीं, इससे लोगों को कुछ राहत मिली।
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केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर बुधवार को जिले में केमिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के नेतृत्व में दवा विक्रेताओं ने सुबह अपनी दुकानें नहीं खोलीं। इसके चलते मरीजों और तीमारदार दवाएं लेने के लिए इधर से उधर भटकते रहे। सामान्य दवाएं लेने वाले लोग भी शहर में जगह-जगह मेडिकल स्टोर तलाशते रहे। हालांकि फार्मासिस्ट एसोसिएशन से संबंधित कुछ फार्मासिस्टों ने इस हड़ताल का विरोध करते हुए दुकानें खोलीं। इससे लोगों को कुछ राहत मिली।
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क्रिश्चियन फील्ड के सामने केमिस्ट एसोसिएशन की बैठक हुई। इसके बाद सभी दवा विक्रेता संगठन के अध्यक्ष अशोक सिंह चौहान और सचिव विनय गांधी के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पहुंचे। वहां जिलाधिकारी यशवंत राव को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। इस दौरान टेंकेश्वर कालरा, राजेश कुमार गुप्ता, सतीश भटनागर, परिवर्तन दीक्षित, अरुण तोमर, हिमांशु अरोरा, राजीव सक्सेना, रानु गुप्ता, संजय कुमार, गिरजा शंकर, शिववीर सिंह, संजय गुप्ता, तसलीम, अमित सक्सेना आदि मौजूद थे।
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शहर के नगरिया मोहल्ला निवासी वजीर सिंह को दो दिन से बुखार आ रहा है। वह सुबह दवा लेने निकले तो देखा कि दुकानें बंद हैं। इसके बाद वह शहर में कई स्थानों पर गए, लेकिन उन्हें सभी जगह दवा की दुकानें बंद मिलीं।

देवीरोड निवासी रघुनंदन काफी दिन से बीमार हैं। दवा समाप्त होने के बाद सुबह बाजार आए तो पता चला कि मेडिकल स्टोर संचालक हड़ताल पर हैं। इसके बाद जिला अस्पताल में दवा लेने गए, लेकिन वहां भी उनकी दवा नहीं मिली।

गांव पुसैना निवासी एक व्यक्ति के सीने में दर्द उठा तो वह शहर में एक डॉक्टर के यहां पहुंचा। डॉक्टर का पर्चा लेकर बाजार पहुंचे तो मेडिकल स्टोर बंद मिले। लौटकर डॉक्टर के यहां पहुंचे तो उसने दर्द निवारक इंजेक्शन लगा दिया और गुरुवार को आकर दवा लेने को कहा।


कुरावली रोड निवासी नर सिंह टाइफाइड से पीड़ित हैं। मंगलवार को उनकी दवा समाप्त हो गई तो वह बुधवार सुबह दवा लेने बाजार पहुंचे, लेकिन दुकानें बंद मिलीं। इसके बाद वे निराश होकर घर लौट गए।
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