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किशनी के गांव रूपपुर में हुआ बाल विवाह
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी।
Updated Thu, 11 May 2017 11:35 PM IST
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किशनी के गांव रूपपुर में हुआ बाल विवाह
- फोटो : अमर उजाला
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थाना किशनी के गांव रूपपुर में बाल विवाह तो हो गया मगर लड़की की विदा नहीं हो सकी। दूल्हे को दुल्हन लिए बिना ही लौटना पड़ा। बाल संरक्षण अधिकारी और किशनी पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले ही दूल्हा और दुल्हन के पिता गायब हो गए। बाल संरक्षण अधिकारी ने किशोरी को मां की सुपुर्दगी में देकर बालिग होने तक विदा नहीं करने की हिदायत दी है।
रूपपुर निवासी व्यक्ति ने 15 वर्षीय पुत्री की शादी जिला फिरोजाबाद के थाना जसराना के गांव कोडर निवासी युवक के साथ तय की थी। दोनों परिवारों की आर्थिक स्थिति बहुत खराब है। दुल्हन कक्षा तीन और दूल्हा कक्षा नौ पास है। 10 मई को किशोरी की बरात आई। रात को शादी की रस्में पूरी होने केे बाद गुरुवार सुबह दुल्हन की विदा होनी थी। गांव के ही एक युवक ने गांव में बाल विवाह होने की सूचना बाल संरक्षण अधिकारी अलका मिश्रा को दी। उन्होंने थाना किशनी पुलिस को सूचना देकर विदा रुकवाने को कहा। थाना किशनी पुलिस ने गांव पहुंचकर विदा रुकवा दी। बाल संरक्षण अधिकारी भी गांव पहुंचीं। तब तक दूल्हा दुल्हन के पिता मौके से गायब हो गए। बाल संरक्षण अधिकारी तथा परामर्शदाता शिवओम ओझा ने दूल्हा दुल्हन सहित दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए। बाद में पुलिस दोनों को लेकर बाल संरक्षण कार्यालय पहुंची। किशोरी ने बालिग होने तक अपनी मां के पास ही रहने की इच्छा जताई। दूल्हा ने भी किशोरी के बालिग होने पर ही विदा कराने का लिखित आश्वासन दिया।
बाल संरक्षण कार्यालय से किशोरी को उसकी मां को सौंप दिया। हिदायत दी गई कि उसके बालिग होने तक विदा नहीं की जाए तथा उसकी उचित देखभाल की जाए। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष प्रदीप कुमार, सदस्य आराधना गुप्ता, रामप्रताप सिंह चौहान ने भी कार्यालय में दूल्हा दुल्हन के साथ ही उनके परिवारीजनों की काउंसलिंग की।
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झोपड़ी में रहता है पूरा परिवार
बाल वधू किशोरी के पिता को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिला है। उसके पास कच्चा पक्का कोई भी मकान नहीं है। वह झाेंपड़ी डालकर रहता है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह मजदूरी करके परिवार पालता है। बाल संरक्षण विभाग इस संबंध में एसडीएम तथा बीडीओ को पत्र लिखेगा।
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रूपपुर निवासी व्यक्ति ने 15 वर्षीय पुत्री की शादी जिला फिरोजाबाद के थाना जसराना के गांव कोडर निवासी युवक के साथ तय की थी। दोनों परिवारों की आर्थिक स्थिति बहुत खराब है। दुल्हन कक्षा तीन और दूल्हा कक्षा नौ पास है। 10 मई को किशोरी की बरात आई। रात को शादी की रस्में पूरी होने केे बाद गुरुवार सुबह दुल्हन की विदा होनी थी। गांव के ही एक युवक ने गांव में बाल विवाह होने की सूचना बाल संरक्षण अधिकारी अलका मिश्रा को दी। उन्होंने थाना किशनी पुलिस को सूचना देकर विदा रुकवाने को कहा। थाना किशनी पुलिस ने गांव पहुंचकर विदा रुकवा दी। बाल संरक्षण अधिकारी भी गांव पहुंचीं। तब तक दूल्हा दुल्हन के पिता मौके से गायब हो गए। बाल संरक्षण अधिकारी तथा परामर्शदाता शिवओम ओझा ने दूल्हा दुल्हन सहित दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए। बाद में पुलिस दोनों को लेकर बाल संरक्षण कार्यालय पहुंची। किशोरी ने बालिग होने तक अपनी मां के पास ही रहने की इच्छा जताई। दूल्हा ने भी किशोरी के बालिग होने पर ही विदा कराने का लिखित आश्वासन दिया।
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बाल संरक्षण कार्यालय से किशोरी को उसकी मां को सौंप दिया। हिदायत दी गई कि उसके बालिग होने तक विदा नहीं की जाए तथा उसकी उचित देखभाल की जाए। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष प्रदीप कुमार, सदस्य आराधना गुप्ता, रामप्रताप सिंह चौहान ने भी कार्यालय में दूल्हा दुल्हन के साथ ही उनके परिवारीजनों की काउंसलिंग की।
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बाल वधू किशोरी के पिता को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिला है। उसके पास कच्चा पक्का कोई भी मकान नहीं है। वह झाेंपड़ी डालकर रहता है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह मजदूरी करके परिवार पालता है। बाल संरक्षण विभाग इस संबंध में एसडीएम तथा बीडीओ को पत्र लिखेगा।